बालीचौकी (मंडी)। हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादक संघ लोकल कमेटी बालीचौकी ने फसल बीमा कंपनियों की मनमानी के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया है। कमेटी अध्यक्ष ओम चंद, सचिव यदुनंदन राय और राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा ने सरकार से मांग की है कि बीमा कंपनियों पर लगाम लगाकर और किसानों को फसलों का मुआवजा दिलाया जाएगा।
कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मांग को 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में संयुक्त किसान मंच की महापंचायत में उठाया जाएगा। महापंचायत में बालीचौकी क्षेत्र के 10 लोगों का प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा और बीमा कंपनियों की लूट का मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल बीमा कंपनियां किसानों से हजारों रुपये बीमा राशि लेती है, परंतु नुकसान होने पर मुआवजा देती ही नहीं है या फिर नाममात्र मुआवजा देती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बालीचौकी क्षेत्र में बीते चार-पांच वर्षों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से बीमा कंपनियों ने हजारों रुपये किसानों से ऐंठ लिए, लेकिन मुआवजा नहीं दिया। कुछ ही किसानों को फसलों का मुआवजा दिया है, जबकि हजारों हजार किसानों को मुआवजा मिलना शेष है। वर्ष 2023 में प्रदेश में भारी आपदा से फसलें तबाह हो गई। इस आपदा की स्थिति में भी भारी भरकम बीमा राशि काटने के बाद भी लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया।