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बारिश के लिए कमरूनाग के गूरों की होगी परीक्षा

Tue, 22 Nov 2016 09:56 PM IST
मंडी
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- फोटो : अमर उजाला
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चैलचौक (मंडी)। बारिश न होने के कारण जनपद के बड़ा देव कमरूनाग के गूर की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। देवता के गूरों को स्थानीय लोगों के आग्रह पर बुधवार को प्रशासन ने गोहर बुलाया है। जहां देवता के माहरन मंदिर में फिर कमरूनाग के गूरों की परीक्षा की घड़ी नजदीक आ गई है।
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प्रशासन ने जनता की गुहार पर देव कमरूनाग के गूरों को बुधवार बारिश बरसाने के लिए गोहर आमंत्रित किया गया है। वर्तमान समय में लीलमणी देव कमरूनाग के गूर हैं जिनसे बुधवार को माहरन गांव में देव कमरूनाग के मंदिर में बारिश के लिए परता मांगा जाएगा। अगर गूर लीलमणी बारिश बरसाते हैं तो उनकी कुर्सी पर गिरने जा रही गाज टल जाएगी। अगर वे इसमें असफल रहे तो फिर लाठी परिवार से किसी दूसरे पूर्व गूर अथवा नए गूर से परीक्षा ली जाएगी। तहसीलदार गोहर मुंशी राम ने बुधवार को देव कमरूनाग के गूरों को बारिश बरसाने के लिए गोहर बुलाने की पुष्टि की है। पिछले करीब तीन माह से बूंदाबांदी न होने के कारण क्षेत्र में सूखे का संकट पैदा हो गया है।

किसान और बागवान सूखे के कारण गहरी चिंता में डूब गए हैं। क्षेत्र में गंदम की बिजाई रुक गई है। जब भी किसानों-बागवानों को सूखे का संकट सताने लगता है तो लोग बारिश के देवता के नाम से विख्यात देव कमरूनाग की शरण में चले जाते हैं। देव कमरूनाग के गूरों के लिए सूखे की स्थिति संकट बनकर आती है। गूर लीलमणी से पूर्व धर्मदत्त की कुर्सी भी सूखे के कारण चली गई थी। अब लीलमणी की कुर्सी पर खतरा मंडरा गया है। पिछले वर्ष भी बारिश न होने के कारण लीलमणी गूर की कुर्सी जाने वाली थी। मगर ऐन मौके पर बारिश होने से गूर लीलमणी की कुर्सी बच गई थी। तहसीलदार गोहर मुंशी राम ने बताया कि देवता के गूरों को गोहर बुलाया गया है। बुधवार से बारिश के लिए कमरूनाग के गूरों की परीक्षा शुरू होगी।
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