मंडी। जिला मंडी में एक जुलाई से प्लास्टिक पूरी तरह से बंद हो जाएगा। जिला प्रशासन ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेशों के अनुसार सभी उत्पादकों, स्टॉकिस्टों, खुदरा विक्रेताओं, दुकानदारों, ई-कॉमर्स कंपनियों, स्ट्रीट वेंडरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों-मॉल, मार्केट प्लेस, शॉपिंग सेंटर, सिनेमा हाउस, पर्यटन स्थल, स्कूल, कॉलेजों, कार्यालय परिसरों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों के साथ ही आम जनता को ऐसे प्लास्टिक को 30 जून तक हर हाल में स्टॉक खत्म करने का समय दिया है।
अगर एक जुुलाई के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ कोई पकड़ा जाएगा तो आदेशों के उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। इसमें माल जब्त, पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए वसूली, उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के संचालन को बंद करना आदि शामिल है।
उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि मंडी जिले में पहली जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। कोई भी दुकानदार, विक्रेता, थोक व्यापारी, खुदरा विक्रेता, फेरीवाले, रेहड़ी वाले सहित कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के एक बार उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) के सामान को न बेच सकेंगे न ही उपयोग करेंगे। बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्लास्टिक अपशिष्ट पदार्थों के कारण होने वाले प्रदूषण से बचाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संवाद
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ये होंगे शामिल
प्लास्टिक की छड़ियों के साथ कान की कलियां, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की छड़ें, प्लास्टिक के झंडे, कैंडीस्टिक, आइसक्रीम की छडे़ं, सजावट के लिए पॉलीस्टायरीन (थर्मोकोल), भोजन परोसने की प्लेट, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, पीवीसी बैनर 100 माइक्रोन से कम शामिल हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार रिसाइकिल प्लास्टिक से बने कैरी बैग की मोटाई 75 माइक्रोन से कम नहीं होनी चाहिए। 120 माइक्रोन मोटाई में 31 दिसंबर, 2022 से प्रभावी होगी।