मंडी/सुंदरनगर। चुनावी वर्ष में जहरीली शराब के सेवन से सात लोगों की मौत के बाद राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस इसे मुद्दा बनाने में जुट गई है। प्रदेश सरकार के खिलाफ पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है।
पूर्व विधायक और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोहन लाल ठाकुर ने सुंदरनगर में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया है कि विधानसभा क्षेत्र में शराब और नशीले पदार्थों का धंधा राजनीतिक संरक्षण से चलाया जा रहा है। कई बार लिखित शिकायत पर भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है। उन्हें अंदेशा है कि जहरीली शराब के मामले में भी सरकार और पुलिस प्रशासन बड़े लोगों के बजाय छोटी मछलियों को ही शिकार बनाएगा। सुंदरनगर उपमंडल में हुआ यह हादसा सरकार की विफलता है।
प्रदेश सरकार का नारा हिमाचल शिखर की ओर है। सरकार के इस कार्यकाल में 1397 बलात्कार और 346 हत्या की घटनाओं ने इसे धता बता दिया है। सुंदरनगर में अवैध शराब के साथ चरस और चिट्टे का धंधा जोरों पर चला है। अकाल मौत का ग्रास बने लोगों के स्वजनों के लिए 8-8 लाख रुपये की ग्रांट उनके जख्मों को नहीं भर सकती है। उन्होंने कहा कि इस राशि से मृतक के परिजनों को हुई क्षति की पूर्ति नहीं की जा सकती है। इस पूरी घटना के लिए प्रदेश सरकार के नुमाइंदे जिम्मेवार है।
समाज सेवी अभिषेक ठाकुर ने जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों से सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में कई जगह अवैध शराब और चिट्टा का कारोबार फलफूल रहा है। शिकायतों के बावजूद पुलिस और प्रशासन केवल मूकदर्शक बन कर ऐसी घटनाओं का इंतजार करती रही। उन्होंने चेताया है कि अगर नशा माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं होती तो लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।