जोगिंद्रनगर अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की कतारें संवाद
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर अस्पताल में एक साथ पांच चिकित्सक अवकाश पर होने से ओपीडी के बाहर मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। दोपहर तक लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान गंभीर मरीजों को भी उपचार हासिल करना चुनौती बना रहा। बुधवार दोपहर तक उपचार के लिए दो सौ मरीज पहुंच चुके थे। इनमें सामान्य ओपीडी में 105 मरीज, हडडी रोग के 52, आंख-कान नाक के 18, बाल रोग के 24, चर्म रोग 20 और दंत ओपीडी के 16 मरीज शामिल रहे। देर शाम तक भी मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते रहे और ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहीं। वहीं आपात सेवाओं में भी मरीजों की आवाजाही अन्य दिनों की तुलना में अधिक रही।
सौ बिस्तर वाले अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक समेत पांच चिकित्सक अवकाश पर होने के कारण अस्पताल की सेवाएं आम दिनों की तुलना में प्रभावित रहीं। अस्पताल में सर्दी, खांसी और सांस की बीमारी से पीड़ित मरीज भी पहुंचे। इसके अलावा दुर्घटना में घायल मरीज भी देर शाम तक आते रहे। मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत भी गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए पहुंची थीं। हालांकि, अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक डा. तेंजिन, सोनाली, रोशन लाल कौंडल, अश्वनी, देवेंद्र, विजेंद्र के अलावा मेडिकल आफिसर डॉ. दीक्षा और आंचल ने ओपीडी में मरीजों का चेकअप किया। डॉ. दीक्षा ने आपातकालीन सेवाओं में मरीजों का स्वास्थ्य जांचा।
वहीं, डॉ. माणिक्य अपने अन्य सहयोगी टीम के साथ सैंपलिग सेवाओं में मौजूद रहे। वहीं, नए वेतनमान में विसंगतियों और अनुबंध में तैनात प्रदेश भर के चिकित्सक वीरवार सुबह साढ़े नौ से साढ़े ग्यारह बजे तक पेनडाउन हड़ताल करेंगे। इसके चलते ओपीडी में मरीजों को उपचार नहीं मिल पाएगा। आपात सेवाओं में भी केवल दुर्घटना से घायलों को उपचार मिलेगा। अनुबंध चिकित्सक को 60 प्रतिशत वेतन पर प्रदेश चिकित्सक एसोसिएशन ने प्रदेश व्यापी पेनडाउन हड़ताल का एलान किया है, जिसका खामियाजा वीरवार को मरीजों को भुगतना पड़ सकता है।
सीएमओ मंडी डॉ, देवेंद्र शर्मा ने बताया कि अस्पताल में एक साथ पांच चिकित्सक अवकाश पर होने के बाद भी ओपीडी में पहुंचे हर मरीज का अस्पताल में तैनात चिकित्सक ने चेकअप किया है। अस्पताल के एसएमओ भी मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करते रहे, इसके बावजूद सेवाओं में अगर कोई कमी रह गई हो तो उसमें सुधार किया जाएगा।