नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार के लिए पहुंचे मरीज संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत आभा आईडी लोगों की बनाई जा चुकी है। वहीं, छूटे लोगों को अब सीआर नंबर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। प्रदेश के 53 अस्पतालों में डिजिटाइजेशन का कार्य शुरू हो गया है। इनमें मंडी जिला का जोगिंद्रनगर अस्पताल भी शामिल है। यहां मरीजों की विभिन्न जानकारियां लेने के बाद सीआर नंबर मरीजों के मोबाइल नंबर पर मिल रहा है। इसी नंबर के जरिए मेडिकल हिस्ट्री फट से उपलब्ध होगी और भविष्य में भी उपचार भी मिलेगा।
डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत मंडी जिला समेत प्रदेशभर में आभा आईडी से स्वास्थ्य सेवाओं को लागू करने का यह प्रयास बीते कई माह से जारी है। प्रदेश के सभी परिवारों के आभा कार्ड बनने के बाद अब छूटे लाेगों का अस्तताल में ही विभिन्न जानकारियां लेकर पंजीकरण शुरू हो गया है। चिह्नित सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे मरीजों के नाम, पता, पिता का नाम, मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारियां ली जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म पर मरीजों के स्वास्थ्य की सभी जानकारियां एकत्रित रहेंगी और मरीजों को उपचार के दौरान भी अपने उपचार से संबंधी पुराने रिकॉर्ड को साथ रखने की आवश्यकता नहीं रहेगी। प्रदेश और देश के किसी भी अस्पताल में मरीज उपचार के लिए जाता है तो उसकी सभी जानकारियां चिकित्सक के पास डिजिटल मोड पर पहुंच जाएगी। ब्लड ग्रुप से लेकर कौन-कौन-सी बीमारियां मरीज में हैं, इसकी जानकारी भी चिकित्सक को एक क्लिक में मिल जाएगी।
जोगिंद्रनगर अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि डिजिटल हेल्थ मिशन योजना के तहत आ रहे मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की इस नई व्यवस्था के सिरे चढ़ने तक मरीजों को पर्ची के माध्यम से भी उपचार की सुविधा अभी मिलती रहेगी।