मंडी के सेरी चानणी में प्रदर्शन करते डिपो संचालक।
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मंडी। जिले के डिपो संचालकों ने सेरी चानणी में प्रदर्शन कर स्थायी नीति बनाकर उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग उठाई है। डिपो संचालक समिति की उपाध्यक्ष पीरसाई ने कहा कि डिपो होल्डर चार साल से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मांगों का ज्ञापन सौंप रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार डिपो संचालकों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है।
डिपो संचालकों के हितों की सरकार अनदेखी का रही है। प्रदेश में करीब पांच हजार डिपो संचालक हैं। राशन वितरण में उन्हें तीन फीसदी कमीशन दिया जाता है। तीन फीसदी कमीशन से महंगाई के दौर में परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। कोरोना काल में दस विक्रेताओं की महामारी की वजह से मौत हो गई है लेकिन सरकार की ओर से आश्रितों को किसी प्रकार की सहायता राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई।
केरल, गोवा तथा जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश में डिपो संचालकों के लिए कोई ठोस नीति का निर्माण नहीं किया गया तो डिपो संचालक आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। डिपो संचालक राशन भी नहीं उठाएंगे। कहा कि एनएफएसए की 27 माह की कमीशन भी उपलब्ध करवाई जाए। इस अवसर पर डिपो संचालक समिति की संयोजक लता देवी, देवेंद्र कुमार, धर्मपाल, भीम सिंह, कश्मीर सिंह, आशा और पदमा देवी सहित अन्य डिपो संचालक मौजूद रहे।