जोगिंद्रनगर (मंडी)। जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून ने अपना भयावह रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार देर रात हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण विकास खंड चौंतड़ा की पस्सल पंचायत के अप्पर दमेहड़ गांव में नुकसान हुआ है। गांव के निवासी दीप सूद के निर्माणाधीन मकान का सुरक्षा डंगा गिरने से मकान का अधिकांश हिस्सा खतरे की जद में आ गया है, जिससे भवन मालिक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इसी गांव में निकासी नालियां बंद होने के कारण रवि सूद के घर में भी मलबे और पानी के तेज बहाव ने भारी क्षति पहुंचाई है।
बारिश के कारण बजगर खड्ड में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे समीप रहने वाले लोग खौफ के साए में रातभर जागने को मजबूर रहे। इसके अलावा बिनवा और रणा खड्डों में भी उफान आने के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बारिश के चलते ग्रामीण कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गईं और वाहनों की रफ्तार थम गई। सरकाघाट रोड पर रेलवे स्टेशन चोक, गरोडू और मसौली में भारी जलभराव से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग सर्किल जोगिंद्रनगर के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि बारिश और भूस्खलन से पधर और बैजनाथ क्षेत्र की सड़कों पर ल्हासे गिरने से लाखों का नुकसान पहुंचा है। वहीं, एसडीएम जोगेंद्रनगर मनीश चौधरी ने कहा कि मानसून के मद्देनजर नदी-नालों के नजदीक रहने वाले लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है और राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुट गई हैं।