मंडी। सेशंस जज मंडी ने चेक बाउंस के एक मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडी कोर्ट नंबर एक के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें आरोपी को दोष सिद्ध होने पर छह महीने की कैद और 1.37 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड मंडी ने अपने वकील महेश चोपड़ा के माध्यम से होशियार सिंह गांव डडौर, डाकघर ढाबण, तहसील बल्ह जिला मंडी के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडी कोर्ट नंबर एक में याचिका दायर की थी। इसमें कहा था कि आरोपी ने लोन चुकाने के बदले में 1.27 लाख का चेक जारी किया था जो बाउंस हो गया।
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत यह मामला अदालत में चला और अदालत ने 30 सितंबर 2019 को इस पर निर्णय देते हुए होशियार सिंह को छह महीने की साधारण कैद और 1.37 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। इस निर्णय के खिलाफ होशियार सिंह सेशन अदालत में गए। सेशंस जज की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने कैद और जुर्माने की सजा को बरकरार रखा। संवाद