जोगिंद्रनगर (मंडी)। ऊहल परियोजना के पैन स्टॉक का निर्माण फिर से शुरू होगा। पहले उपचुनाव की आचार संहिता के कारण कार्य रुक गया था। 9.35 किलोमीटर पैन स्टॉक का निर्माण कार्य चंडीगढ़ की कंपनी को अवार्ड हो गया है। इस पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ब्यास वैली कारपोरेशन के शिमला स्थित कार्यालय में सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी को टेंडर अवार्ड कर दिया गया है। ऐसे में अब नए सिरे से पैन स्टॉक के निर्माण का कार्य शुरू होगा।
इसमें करीब 20 महीने का समय निर्धारित कियास है। ऊहल परियोजना में 2010 में करीब 82 करोड़ रुपये खर्च कर दो किलोमीटर पैन स्टॉक का निर्माण किया था। अप्रैल में परियोजना में विद्युत उत्पादन के समय अचानक हुए ब्लास्ट से पैन स्टॉक के हिस्से को नुकसान पहुंचा था।
प्रबंध निदेशक देवेंद्र चौधरी ने बताया कि विद्युत उत्पादन शुरू होते ही प्रदेश सरकार को सालाना 120 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।
सौ मेगावाट ऊहल परियोजना में तीन टरबाइन विद्युत उत्पादन के लिए मौजूद हैं। 9.35 किलोमीटर पैन स्टॉक के निर्माण कार्य पर अनुमानित 60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 20 महीने में निर्माण कार्य पूरा कर फिर से विद्युत उत्पादन शुरू किया जाएगा।
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