मंडी। चंडीगढ़-मनाली एनएच की दुर्दशा पर लोगों ने आवाज उठाना शुरू कर दिया है। सुंदरनगर से लेकर औट तक सड़क की बदहाली को लेकर प्रभावितों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंडी को शिकायत सौंपी है। इसमें एनएचएआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
शिकायतपत्र की एक प्रति डीएलएसए एवं मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट शिमला को भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि सड़क पर सफर करना असुरक्षित है। यहां कभी भी कोई घटना हो सकती है। सामरिक महत्व वाले इस एनएच पर रोजाना सैकड़ों वाहन दौड़ते हैं।
कुल्लू-मनाली से लेकर लेह तक का सफर इस सड़क पर काफी हद तक निर्भर करता है। मंडी से सुंदरनगर तक 27 किलोमीटर हिस्से में गड्ढों की भरमार है।
गड्ढों में बारिश का पानी भरने के बाद लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती है। मंडी से सुंदरनगर के बीच ब्राधीवीर, रानीबाई, गुटकर, डडौर, भौर और नौलखा में जगह-जगह गड्ढे हैं। मंडी से आगे चार मील, सात मील, पंडोह, दवाडा, हणोगी, औट तक सड़क बदहाली के आंसू बहा रही है।
यहां फोरलेन का कार्य चला हुआ है। इस मार्ग का दायित्व अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण संभाल रहा है। मार्ग की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिवक्ता आकाश शर्मा की ओर से यह शिकायत सौंपी गई है। उन्होंने कोर्ट से एनएच की हालत सुधारने की मांग उठाई है।
संवाद