मंडी। मंडी जिले की चार तहसीलों सदर, बल्ह, सुंदरनगर और जोगिंद्रनगर में जमीन के क्रय-विक्रय की रजिस्ट्रियों में करीब एक करोड़ रुपये के गड़बड़झाले का सीए पुन: मूल्यांकन करेगा। सरकार ने मामले में वित्तीय गड़बड़ी की जांच को तीसरे पक्ष से करवाने के निर्देश दिए हैं।
लिहाजा वित्तीय मामले की जांच सीए करेगा। इस मामले में 30 अप्रैल डीसी मंडी ने राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह और प्रधान सचिव (राजस्व) को रिपोर्ट भेजी थी। गड़बड़झाले में संलिप्त पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश की गई। इससे कई लोगों पर रिकवरी और निलंबन की तलवार लटकी है। बता दें कि पिछले माह डीसी ने एडीएम मंडी राजीव कुमार और जिला राजस्व अधिकारी राजीव सांख्यान के साथ चारों तहसीलों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जमीन के क्रय -विक्रय की रजिस्ट्रियों सहित अन्य रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई थी। मामले की जांच के लिए उपायुक्त ने अधिकारियों की एक टीम गठित की थी। रिकॉर्ड खंगालने में रजिस्ट्रियों में सरकार को करीब एक करोड़ का चूना लगाने की बात सामने आई है। जमीन की कीमत कम बता या फिर स्टांप कम लगा हेरफेरी की गई थी।