संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। बड़ा देव कमरुनाग बुधवार शाम पहली बार बने गूर की पदवी संभालने वाले गुरदेव के घर पहुंचे। बड़ा देव कमरुनाग के आगमन से धंग्यारा गलु का कांढ़ी गांव ढोल-नगाड़ों और कहुलियों कि मधुर देव ध्वनि से देवमय हो गया।
देव आगमन से गुरदेव और उनके परिजन फूले नहीं समाए। बुधवार करीब शाम 7 बजे बड़ा देव को पूर्व गूर टिकम राम ने संपति समेत नए गूर गुरदेव के हवाले किया। अब गुरदेव देव कमरुनाग की व्यवस्था का हर फैसला लेंगे।
बड़ा देव कमरुनाग बारिश के देवता माने और पूजे जाते हैं। बारिश के लिए गूरों के परते से ही वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार बड़ा देव के गूर का चयन होता आया है। बुधवार को बड़ा देव गुरदेव के घर विराजमान हुए।
वीरवार को बड़ा देव के गूर गुरदेव कमरुनाग मंदिर जाएंगे और वहां विधिविधान से देवता की पूजा करेंगे। इसके बाद देव कमरुनाग के गुरदेव संपूर्ण गूर माने जाएंगे। गुरदेव ने कहा कि देवता की परंपरा और नियमों के अनुसार गुरापीरी की रस्में निभाई जाएंगी।