मंडी की अभिभावक सपना ठाकुर ने कहा कि बच्चों का टीकाकरण होने के बाद अब उन्हें स्कूलों में भेजने का डर खत्म हो गया है। अब नए सत्र में बच्चों की नियमित कक्षाएं लगेंगी जिससे उनकी बेहतर पढ़ाई होगी।
विद्यार्थियों का टीकाकरण होने के बाद शिक्षकों और अभिभावकों में कोरोना का खौफ कम हुआ है। बच्चों की सुरक्षा की चिंता भी दूर हुई है। नए सत्र के लिए अभिभावक और शिक्षक भी नियमित पढ़ाई के लिए तैयार हैं।
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वीरवार को कोटली, जोगिंद्रनगर और नेरचौक में टीकाकरण का लाभ उठाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत की गई। नए सत्र के लिए उनमें उत्साह दिखा। अलोक भारती विद्यालय कोटली में 12 से 14 साल तक के 99 किशोरों का टीकाकरण किया गया।
छात्र सूजल ठाकुर ने कहा कि टीकाकरण होने से अब कोविड का खतरा नहीं है। अब मैं आठवीं कक्षा में प्रवेश कर चुका हूं। इस कक्षा में पढ़ाई नियमित रूप से करूंगा। छात्रा शगुन ने बताया कि टीकाकरण के बाद कोविड संक्रमण का डर नहीं रहा। अब पहले जैसे घरों में नहीं बल्कि स्कूलों में जाकर नियमित रूप से पढ़ाई करेंगे। माउंट मौर्या स्कूल जोगिंद्रनगर के प्रधानाचार्य योगेश शर्मा ने बताया कि सभी विद्यार्थियों का कोविड टीकाकरण हो गया है। अब नए सत्र से नियमित कक्षाएं लगेंगी। अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं शुरू करने के लिए खुशी जताई है।
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आलोक भारती स्कूल के प्रधानाचार्य विक्रम सिंह ने बताया कि यहां पर अधिकांश विद्यार्थियों का कोविड टीकाकरण हो गया है। अब हम सभी अगले सत्र के लिए तैयार हैं। पिछले दो सालों में विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं नहीं लग पाईं मगर अब ऐसा नहीं होगा। सत्र से सभी कक्षाएं नियमित चलाई जाएंगी। नेरचौक के अभिभावक रूपेश शर्मा ने बताया कि पिछले दो सालों में कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई बहुत बाधित हुई है। इस बार कोरोना का टीका बच्चों को भी लग गया है, इसलिए अब उनकी चिंता खत्म हो गई है।
मंडी की अभिभावक सपना ठाकुर ने कहा कि बच्चों का टीकाकरण होने के बाद अब उन्हें स्कूलों में भेजने का डर खत्म हो गया है। अब नए सत्र में बच्चों की नियमित कक्षाएं लगेंगी जिससे उनकी बेहतर पढ़ाई होगी।