जोगिंद्रनगर मेला स्थल में बारिश और अंधड़ से हुआ है कारोबारियों को नुकसान
अंधड़ से उपमंडल में हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहा राजस्व विभाग : डॉ. मुकुल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। राज्य स्तरीय जोगिंद्रनगर देवता मेले में अंधड़ और बारिश से हुए नुकसान के बाद कारोबारियों ने मेला स्थल से अपना सामान तय अवधि से 48 घंटे पहले ही समेट लिया है। बुधवार को आए अंधड़ से मेला स्थल में करीब 40 दुकानों में रखा सामान और अस्थायी दुकानें ढहने से बाहरी राज्य के कारोबारियों ने वीरवार को कारोबार नहीं किया।
मेला स्थल से करीब 70 प्रतिशत कारोबारियों ने अपना सामान समेट लिया है। छोटे बच्चों के मंनोरंजन के लिए लगे झूले भी हटा लिए हैं। अब मेला मैदान में चहलकदमी और खरीदारी को लेकर जो रौनक देखने को मिल रही थी, उसमें सन्नाटा पसर गया है। वीरवार को जोगिंद्रनगर देवता मेले में कारोबार के लिए मुरादाबाद से पहुंचे फरमान, उत्तर प्रदेश से महबूब, वृदांवन से रोहित और दिल्ली से पहुंचे चिराग और दीपक ने बताया कि उन्होंने पांच दिवसीय राज्य स्तरीय देवता मेले में कारोबार के लिए 65, 50 और 40 हजार रुपये तक ठेकेदार को देने के बाद दुकानें सजाई थी। एक से पांच अप्रैल तक मेले में खरीदारी को लेकर ग्राहकों की भीड़ देखने को नहीं मिली और जब मेले में कारोबार को लेकर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी तो आंधी और बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बताया कि मेला स्थल की दुकानें तहस-नहस होने से उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ा है। दुकानें टूटने से उन्हें कारोबार करने का कोई विकल्प नहीं रहा। उन्होंने अपना सामान मेला समिति की ओर से निर्धारित अवधि से 48 घंटे पहले समेट लिया है। बता दें कि जोगिंद्रनगर मेले में कारोबार के लिए स्थानीय प्रशासन ने समापन के बाद 12 अप्रैल तक कारोबार करने की राहत मेला व्यापारियों को दी थी। इसी बीच अचानक आसमान से बरपे कहर से जब कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा तो अधिकांश व्यापारियों ने तय अवधि से पहले ही अपना सामान समेट लिया है। इस बारे में तहसीलदार डॉ. मुकुल शर्मा ने बताया कि अंधड़ से उपमंडल में हुए नुकसान की जानकारी राजस्व विभाग की ओर से एकत्रित की जा रही है। इसके बाद ही प्रशासन नियमों के तहत आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा।