मंडी। चौहारघाटी के देवताओं का सोमवार को पुरानी मंडी में भव्य मिलन होगा। घाटी के सभी देवता पुरानी मंडी में अपने क्षेत्र के सभी देवताओं के साथ मिलन कर शिवरात्रि महोत्सव को शिरकत करते हैं। सोमवार को चौहारघाटी के देवता हुरंग नारायण, बजीर देव पशाकोट, घड़ौणी नारायण, देव गलू गहरी, पेखरू गहरी, रजायन देव आपस में पुरानी मंडी में देव मिलन करेंगे। इस दौरान इन देवताओं के आवागमन के लिए राम माधव राय के दरबार से छड़ी के साथ इनका स्वागत किया जाएगा। उसके पश्चात सभी देवता अपने लाव लश्कर के साथ माधव राय मंदिर में शिरकत करेंगे। देव पशाकोट के कारदार केसर सिंह ने बताया कि देव पशाकोट 4 मार्च को शिवरात्रि महोत्सव को पहुंचेंगे और अन्य चौहारघाटी के देवताओं के साथ मिलन करेंगे।
अपने मूल स्थान से रवाना हुए घड़ौणी नारायण
देव श्री घड़ौणी नारायण अपने मूल स्थान से शिवरात्रि महोत्सव के लिए शनिवार को रवाना हो गए हैं। उनका प्रथम विश्राम देवता का रियागड़ी में हुआ और दूसरा रात्रि विश्राम रविवार को बथेरी में किया गया। 4 मार्च को देव अपने 150 कारदारों के साथ पैदल मंडी शिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करेंगे। देव श्री घड़ौणी नारायण बलराम रूप में पूजे जाते हैं। देव घड़ौनी नारायण हुरंग नारायण के भाई हैं और देवता का मंदिर मंडी से 60 किलोमीटर की दूरी आरंग गांव कटौला में है। देव घड़ौनी बारिश के लिए मुख्य माने गए हैं और बीमारी को दूर करते हैं। देवता के गांव में नशीले पदार्थ वर्जित है। देवता के गूर रोशन लाल और सेवक खूब सिंह ने बताया कि देव प्राचीन समय से मेले में शिरकत करते हैं।