जोगिंद्रनगर में नहीं सुलझा डंपिंग साइट का विवाद
शहर में लगे कूड़े के ढेर, बीमार की आशंका
रात के अंधेरे में खुले में जलाई जा रही गंदगी
अमर उजाला ब्यूरो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। शहर की गंदगी ठिकाने लगाने का विवाद अभी तक सुलझ नहीं सका है। नतीजतन गर्मियों की दस्तक के साथ जोगिंद्रनगर में कूड़े के ढेर परेशानी बढ़ाने लगे हैं। दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। गंदगी से बीमारी पनपने के आसार बनने लगे हैं। पिछले 14 दिन से गंदगी न उठने से शहर में गंदगी का साम्राज्य है। अब तो दुकानों में भी कामकाज प्रभावित होने लगा है। लोगों ने प्रशासन से जलद समस्या के समाधान की मांग उठाई है। उधर, गंदगी न उठने के बाद अब डस्टबिन के कूूड़े को खुले में आग लगाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जाने लगा है। खुले में कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध है। सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट के तहत नगर परिषद को कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन यहां गंदगी उठाना गले की फांस बन चुका है। न प्रशासन और न नगर परिषद इस डंपिंग साइट को लेकर छिड़े विवाद को हल कर पा रही है। कई दिनों से कूड़ा न उठाने की वजह से नगर परिषद के वार्डों में रखे कूड़ेदानों के बाहर बिखरा कचरा अब सड़क पर आने लगा है। इससे सड़क पर चलने वाले राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गरोडू से कन्या स्कूल तक हालात बेहाल
गरोडू से लेकर कन्या पाठशाला तक जितने भी नगर परिषद ने कूड़ादान सड़क किनारे स्थापित किए हैं, वहां हर जगह कूड़ा बिखरा पड़ा है। अत्यधिक कचरा जमा होने से इतनी ज्यादा दुर्गंध पैदा हो गई है कि आसपास के दुकानदारों को कारोबार करना भी मुश्किल हो रहा है।
दुकानदारों का कारोबार हो रहा प्रभावित
दुकानदारों धनी राम, राजीव सूद, विजय कुमार और विनोद कुमार ने कहा कि यहां पर कचरा जमा होने से दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। दुकानदारों का कहना है दुर्गंध के कारण ग्राहक उनकी दुकानों से दूर रह रहे हैं, जिससे उनके व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। कारोबारियों ने जल्द समस्या के समाधान की मांग प्रशासन और नगर परिषद से की है। उधर, कांग्रेस कमेटी सचिव राकेश चौहान का कहना है कि कूड़े के बिखरने के बाद उस कूड़े में आवारा जानवर भी मुंह मारते रहते हैं।
इसलिए गंदगी का साम्राज्य
डंपिग साइट पर गंदगी फैलाने का कुछ ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वालों का आरोप है कि गंदगी के कारण उनके घरों में रहना मुश्किल हो गया है। दुर्गंध के कारण लोगों को भारी दिक्कत हो रही है। कुछ समय पहले गंदगी लेकर गए नगर परिषद के वाहन को रोककर भी ग्रामीणों ने नारेबाजी की, जिससे माहौल काफी बिगड़ गया। उसके बाद वहां कूड़ा नहीं फेंका जा रहा है, जिससे शहर में गंदगी नहीं उठ सकी है।
लोग राजी नहीं : सचिव
नगर परिषद की सचिव शालिनी शर्मा ने कहा कि गांववासियों ने इस मुद्दे पर बातचीत की है। लेकिन, डंपिंग साइट पर लोग कूड़ा फेंकने को राजी नहीं हैं। वह अब भी विरोध में हैं। हालांकि नगर परिषद द्वारा कीटनाशक का छिड़काव डंपिंग साइट में किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ हुई बैठक की जानकारी से एसडीएम जोगिंद्रनगर को अवगत करवाया जाएगा तथा उनके मार्गदर्शन में आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।