जोगिंद्रनगर (मंडी)। कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक फार्मास्यूटिकल साइंसिस के सरकारीकरण पर फिर से बाधा आ गई हैं। प्रदेश सरकार के वित्त मंत्रालय ने इसे मंजूरी देने से इंकार कर दिया है। मंत्रालय ने कॉलेज की ओर से भेजे गए पत्र को मंजूरी देने से असमर्थता जाहिर की है।
9 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने जोगिंद्रनगर प्रवास के दौरान इस कॉलेज का सरकारीकरण करने की घोषणा मंच से की थी। इस दौरान कॉलेज के विद्यार्थी जनसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी सरकारीकरण को लेकर मिले तथा यहां पर विद्यार्थियों को आ रही समस्याओं को लेकर उन्हें अवगत भी करवाया गया था। हालांकि सरकार ने इस पर अमल करते हुए इसे प्रदेश सरकार के फाइनांस मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा लेकिन प्रदेश फाइनांस मंत्रालय ने इस कॉलेज को मंजूरी देने में अपनी असमर्थता जाहिर की है। 9 वर्ष पहले शुरू हुए इस कॉलेज में विद्यार्थी आयुर्वेदिक दवाइयों से संबंधित ट्रेनिंग तो करते हैं लेकिन, कॉलेज अभी तक सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। कॉलेज में अध्यापकों की कमी, प्रयोगशाला का चार्ज भी अभी तक किसी विभाग को नहीं दिया गया है। 1 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से बने गर्ल्स होस्टल और इसकी चारदिवारी का उद्घाटन दो वर्ष पहले हुआ है, लेकिन अभी भी यह होस्टल छात्राओं को नहीं दिया गया।
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प्रधानाचार्य टेक चंद ठाकुर ने कहा कि उन्हें कॉलेज के सरकारीकरण के संदर्भ में अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। उच्च अधिकारियों से लगातार इन समस्याओं के संदर्भ में चर्चा की जा रही है।
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