मंडी। आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों बारे सीटू जिला कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर से मिला। कमेटी ने डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मांग प्रेषित किया। सीटू नेता राजेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में हजारों आउटसोर्स कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। ठेकेदार, निजी कंपनियां इन्हें न्यूनतम वेतन एवं श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं नहीं दे रही हैं। पिछले कई सालों से कार्य कर रहे कर्मचारियों को आज तक स्थायी या अनुबंध पर लाने के लिए सरकार ने कोई नीति नहीं बनाई है। सरकारों की ओर से बार-बार दिए गए आश्वासनों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
सीटू जिला कमेटी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बना कर उन्हें नियमित किया जाए। हालांकि उच्च न्यायालय के आदेशों के मुताबिक सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को समान काम का समान वेतन दिया जाना तय किया है। श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, आदि भी दिए जाएं। अतिरिक्त कार्य का ओवरटाइम भुगतान किया जाए तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। राजेश ने कहा कि यदि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति नहीं बनाती है तो मजबूरन उन्हें संघर्ष की राह अपनानी पड़ी। प्रतिनिधिमंडल में परस राम, गोपेंद्र शर्मा, नरेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।
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