जोनल अस्पताल के नजदीक निर्माणाधीन मदर चाइल्ड केयर सेंटर।
- फोटो : Mandi
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसोरप्शन) आक्सीजन प्लांट ने काम करना शुरू कर दिया है। एक करोड़ का यह पीएसए प्लांट रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से लगाया गया है।
इस आक्सीजन प्लांट से अस्पताल के अलावा नए जच्चा बच्चा अस्पताल को भी सप्लाई दी जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने क्षेत्रीय अस्पताल के वार्डों में भी आक्सीजन प्वाइंट 112 से बढ़ाकर 184 कर दिए हैं। इससे आपात समय में रोगियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
इसमें बिजली की सप्लाई को मजबूत करने के लिए एक डीजी सेंटर अलग से अस्पताल प्रशासन ने लगाया है ताकि बिजली की समस्या से आक्सीजन उत्पादन प्रभावित न हो। इस प्लांट की कमीशनिंग के लिए बेंगलूरू से कंपनी के इंजीनियर मंडी बुलाए गए और कमियों को दूर करके इसे शुरू कर दिया गया है। साथ ही मैनीफोल्ड आक्सीजन प्लांट में भी 30 अतिरिक्त सिलिंडर लगाने की व्यवस्था की गई है।
सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा ने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से आक्सीजन प्लांट शुरू नहीं हुआ था, लेकिन अब इसे सुचारु कर दिया गया है। भविष्य में एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल) भी इसी प्लांट से जोड़ा जाएगा।
मंडी जिले के नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज में 500 लीटर प्रति मिनट की दर से ऑक्जसीन का उत्पादन करने वाला प्लांट पीएम केयर्स की तरफ से हाल ही में स्थापित किया गया है। जोनल अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट वाला प्लांट लगा है। यह सरकारी क्षेत्र का जिले का सबसे बड़ा प्लांट है।
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200 बिस्तरों की होगी सुविधा
अभी तक 90 बिस्तरों वाले जोनल अस्पताल मंडी में सिलिंडरों के माध्यम से आक्सीजन की सप्लाई की जाती है। 100 बिस्तरों वाला एमसीएच भी बहुत जल्द सुचारु होने वाला है, जिसके बाद अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़कर 200 तक पहुंचने वाली है। कोरोना के मौजूदा समय और भविष्य में यह प्लांट काफी ज्यादा मददगार साबित होने वाला है।
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