हादसा रविवार दोपहर बाद करीब 4:00 बजे पेश आया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पेड़ गिरने से गाड़ियां चकनाचूर हो गई थीं। शवों और घायलों को निकालने में भी दिक्कत हुई। कटर मशीन से पेड़ के छोटे-छोटे टुकड़े कर इन्हें निकाला गया। घायलों को पहले जरी अस्पताल भेजा गया। एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू लाया गया है। जांच जारी है।
घायलों की सूची...
53 वर्षीय रमेश बाबू पुत्र सुदर्शन, 49 वर्षीय पल्लवी पत्नी रमेश और इनका 24 वर्षीय बेटा भार्गव निवासी हाउस नंबर 23 सीएच बीएस सेकेंड लेआउट विजयनगर बंगलूरू, 42 वर्षीय विक्रम आचार्य पुत्र सवीर कुमार आचार्य और 40 वर्षीय टुंपा आचार्य पत्नी विक्रम आचार्य हाउस नंबर 5 एलके पथ जोहात असम, 23 वर्षीय प्राची पुत्री मधुसूदन मकान नंबर 226, हिसार (हरियाणा), और साक्षी पत्नी सुबोध राव निवासी मुंबई घायल हुई हैं।
गाड़ी का इंतजार कर रहे थे सुबोध..अचानक गिरा पेड़
मुंबई से परिवार सहित मणिकर्ण घूमने आए सुबोध राव राणे ने बताया कि वह मनाली जाने के लिए अपनी गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी से एक पेड़ आकर गिरा और उनकी पत्नी साक्षी और अन्य इसकी चपेट में आ गए। जब वह घटनास्थल की ओर दौड़े तो देखा कि वहां अफरातफरी मची हुई थी।
काफी देर तक रुकी रही वाहनों की आवाजाही
मणिकर्ण में काफी देर तक वाहनों की आवाजाही रुकी रही। मणिकर्ण से भुंतर और भुंतर से मणिकर्ण की तरफ जाने वाली वाहनों की रफ्तार थमी रही। घायलों का हालचाल जानने के लिए कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर कुल्लू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों को भी हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
2015 में सात लोगों की गई थी जान
इससे पहले अगस्त 2015 में मणिकर्ण गुरुद्वारा की सराय के साथ लगती पहाड़ी से भूस्खलन होने से 7 लोगों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हुए थे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। कहा कि यह दुर्घटना बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।