देशभर के पेंशनभोगियों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए बैंकों या कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने 30 नवंबर तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 4.0 शुरू किया है।
इस अभियान के तहत पेंशनभोगी स्मार्टफोन से घर बैठे फेस ऑथेंटिकेशन से अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे। इससे उन्हें बायोमेट्रिक उपकरणों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
अभियान के तहत ऊना में 11 नवंबर और कांगड़ा जिले के पालमपुर में 12 नवंबर को जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। ऊना में एसबीआई की मुख्य शाखा सहित आसपास की बैंक शाखाओं में यह अभियान सुबह 10 बजे से शुरू होगा। कांगड़ा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा पालमपुर में भी यह अभियान चलेगा। शिविरों में पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र से जुड़ी जानकारी और प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा।
केंद्र सरकार के अधिकारी करेंगे निरीक्षण
केंद्र सरकार के अवर सचिव सुभाष चंद्र पालमपुर में आयोजित शिविर में मौजूद रहेंगे। वे फेस ऑथेंटिकेशन से डीएलसी जमा करने वाले पेंशनभोगियों से बातचीत करेंगे और डोर स्टेप डीएलसी सेवाओं तथा शिविरों का निरीक्षण भी करेंगे। इसके अलावा अभियान के सुचारू संचालन के लिए एसबीआई, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, यूआईडीएआई, एनआईसी और स्थानीय पेंशनभोगी कल्याण संघों के बीच समन्वय की समीक्षा भी की जाएगी।
2 करोड़ पेंशनभोगियों तक पहुंचने का लक्ष्य
डीएलसी अभियान 4.0 का उद्देश्य देशभर के 2,000 से अधिक शहरों और कस्बों में दो करोड़ पेंशनभोगियों तक पहुंचना है। इसमें विशेष रूप से अति-वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की डोर स्टेप डीएलसी सेवा पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का यह अभियान डिजिटल इंडिया और ईज ऑफ लिविंग मिशन से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है।