कृषि और बागवानी के लिए प्रसिद्ध कुल्लू जिला में अवैध सेब बगीचों में फसल को नीलाम कर वन विभाग जिले में हरियाली लाएगा। अवैध सेब फसल से होने वाली कमाई को पौधरोपण पर खर्च किया जाएगा। विभिन्न पौधे खरीदने समेत पौधरोपण पर ही इस धनराशि को खर्च करने की योजना है। इसके लिए वन विभाग ने प्रस्ताव सरकार को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही इस पर काम किया जाएगा। निशानदेही के बाद घोषित सभी अवैध बगीचों पर वन विभाग निगरानी कर रहा है और नियमानुसार इन्हें नीलाम कर कमाई कर रहा है। हालांकि अवैध कब्जों के न्यायालय में विचाराधीन मामलों में वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं है। ऐसे मामलों में ग्रामीण ही तुड़ान कर रहे हैं।
कुल्लू वनमंडल में अब तक अवैध कब्जे में उगाए गए सेब बगीचों को नीलाम कर करीब 80 हजार रुपये कमाई कर ली गई है। वहीं नीलामी प्रक्रिया जारी है। कुल्लू वनमंडल की ओर अब तक करीब 190 मामलों में साढ़े छह सौ बीघा अवैध कब्जा विभाग ने अपने अधीन लिया है। इनमें अधिकतर खाली जगह हैं। वहीं कुछ जगहों में सेब बगीचे भी हैं। जिन्हें विभाग की ओर से नीलाम करवाया जा रहा है। वर्तमान में अवैध कब्जों के 141 मामले विचाराधीन हैं। इनमें करीब 684 बीघा जमीन शामिल है। करीब सात केस हाईकोर्ट में लंबित हैं। सेब बगीचों को नीलाम कर हो रही कमाई को जमा करने के लिए वन विभाग ने एक बैंक खाता खोला है। जिसमें राशि जमा की जा रही है।
वहीं इस संबंध में डीएफओ कुल्लू डॉ नीरज चड्ढा ने कहा कि अवैध कब्जों में लगाए गए बगीचों को नीलाम करवाया जा रहा है। इनमें तुड़ान को लेकर निगरानी की जा रही है। नीलामी से हो रही कमाई को पौधरोपण पर खर्च किया जाएगा। विभागीय कब्जे में लिए गए सेब बगीचों में तुड़ान के लिए घुसने वालों के खिलाफ विभाग ने पुलिस में केस दर्ज करवाने की चेतावनी जारी की है। संबंधित बीट के वन रक्षक भी गश्त कर सेब तुड़ान पर नजर रख रहे हैं। विभाग अपने अधीन लिए गए कब्जों की समय-समय पर जांच परख कर रहा है।