मलाणा में देवता जमलू का मंदिर।- फाइल फोटो
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कुल्लू। दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र मलाणा गांव में अधिष्ठता देव जमदग्नि ऋषि ने नया फरमान जारी कर दिया है। देवता के गूर ने देववाणी से कहा है कि जिले को छोड़कर प्रदेश और बाहरी राज्यों के लोगों का मलाणा गांव में रात्रि ठहराव नहीं होगा। इसके लिए उन्हें स्वयं गांव से किलोमीटर दूर रहने की व्यवस्था करनी होगी। कुल्लू के लोगों की खातिरदारी मलाणावासी अपने घर में करेंगे और रात्रि ठहराव भी होगा। यह आदेश कुल्लू जिले के स्थानीय लोगों को छोड़कर प्रदेश और देश-विदेश के सैलानियों और लोगों पर लागू होगा। देवता के आदेश के बाद स्थानीय पंचायत ने फैसले को सख्ती से लागू कर दिया है। इस पर मलाणा वासियों ने भी हामी भर दी है।
मलाणा पंचायत के प्रधान राजूराम ने बताया कि देवता ने अपना नया फरमान देवकारज में सुनाया है। इसमें कुल्लू और आसपास क्षेत्रों के लोगों को छोड़कर प्रदेश और बाहरी राज्यों के लोगों का गांव में रात्रि ठहराव नहीं होगा। उन्हें गांव से एक किलोमीटर दूर खुद रहने-खाने और सोने की व्यवस्था करनी होगी। यहां पर कैफे और रात्रि ठहराव की सुविधा है। उन्होंने कहा हालांकि लोग और सैलानी गांव में आ और जा सकते हैं। इसमें कोई मनाही नहीं रहेगी।
देश-विदेश में मलाणा की अलग पहचान
प्रदेश समेत देश-विदेश में मलाणा गांव की अलग पहचान है। यहां की संस्कृति और रीति-रिवाज और प्राचीन परंपराओं को आज तक सहेजे है। यहां पर देश-विदेश से प्रतिवर्ष कई सैलानी बड़ी संख्या में आकर वादियों को निहारते हैं। मलाणा वासियों के लिए उनके आराध्य देव जमदग्नि ऋषि का आदेश सर्वोपरि है। हाल ही में कोरोना काला में मलाणा वासियों गांव के भीतर लोगों व सैलानियों की एंट्री पर प्रतिबंध भी लगाया था।
चार दिन पहले अंडा और चिकन पर लगाई रोक
देवता जमदग्नि ऋषि के आदेश पर गांव में चार दिन पहले अंडा, मछली, चिकन खाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके अलावा शराब पीने और बेचने पर भी रोक लगाई गई थी। इसे पंचायत ने लागू कर दिया था। नियम का उल्लंघन करने पर 10 हजार जुर्माना और हुक्का पानी बंद होने का फैसला सुनाया गया है।