शनिवार को मनाली के माल रोड पर चहलकदमी करते सैलानी। मनाली में अब पर्यटकों की संख्या में भारी कमी
कुल्लू। मानसून की फुहारों के बीच कुल्लू घाटी में वीकेंड पर पर्यटन कारोबार में 50 फीसदी से भी अधिक की गिरावट आ गई है। जून के अंत तक मनाली में वीकेंड पर करीब 1500 से 1700 पर्यटक वाहन पहुंच रहे थे। इस वीकेंड के शुक्रवार को मनाली में 800 वाहनों का प्रवेश हुआ।
इसके अलावा धार्मिक नगरी मणिकर्ण में 300 और बंजार घाटी में 150 से 200 पर्यटक वाहन पहुंचे रहे थे। पर्यटन स्थलों में सैलानियों की भीड़ छंटती नजर आ रही है। जलोड़ी दर्रा से लेकर मनाली और लाहौल घाटी में पर्यटन कारोबार आधे तक गिर गया है। इसकी वजह मानसून की दस्तक है। पर्यटन कारोबारियों को जुलाई तक समर सीजन चलने की उम्मीद थी, मगर जुलाई शुरू होते ही इसमें कमी आ गई है।
मनाली के रांगड़ी स्थित पर्यटन विभाग के बैरियर में शुक्रवार को 800 वाहनों का प्रवेश दर्ज हुआ है। कसोल में लगे साडा के बैरियर में शुक्रवार को 300 वाहन मणिकर्ण घाटी पहुंचे हैं। पिछले सप्ताह मणिकर्ण पहुंचने वाले पर्यटक वाहनों की संख्या 800 से 1000 तक थी। सोझा टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रकाश ने कहा कि पूरी बंजार घाटी में अब पर्यटकों की भीड़ छंट गई है। 50 से 60 फीसदी तक कमी आई है।
बरसात में पर्यटन गतिविधियां कम होती हैं और मानसून आने से तापमान में भी गिरावट आती है। मनाली के होटल कारोबारी गौतम ठाकुर ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में स्कूल और काॅलेज में छुट्टियां खत्म होने के कारण पर्यटन कारोबार घटा है। इसके अलावा बरसात का भी पर्यटन पर असर पड़ा है।
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