कुल्लू। पर्यटन सीजन (15 अप्रैल से शुरू) के आरंभ होने से पूर्व एनएच-3 को मंडी के टकोली से कुल्लू के मनाली तक के सभी संवेदनशील स्थलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा एनएचएआई जिला मुख्यालय के वामतट पर स्थित देवधार और बनोतर में भूस्खलन से एनएच-3 को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना एवं रणनीति तैयार करे।
यह बात शुक्रवार को उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। वहीं, एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि देवधार और बनोतर में भूस्खलन को रोकने के लिए सर्वेक्षण के बाद एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के आधार पर निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। आचार संहिता की समाप्ति के उपरांत कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
कुल्लू से मनाली सड़क पर कुल 11 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं जहां बाढ़ से क्षति होने के उपरांत सड़क का महत्वपूर्ण हिस्सा बह गया है। इन स्थानों को सुरक्षित करने के लिए ड्रेजिंग और आरसीसी की दीवार बनाकर पक्का करने का कार्य उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। उपायुक्त ने एनएच-3 पर कुल्लू से मनाली के मध्य आवश्यक स्थानों पर निकास नालियों के निर्माण करने तथा कब्जों को हटाने के उपमंडलाधिकारी और एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वैकल्पिक एवं एनएच-3 को जोड़ने वाली सड़कों की नियमित रूप से मरम्मत करने के निर्देश दिए। बैठक में ओवरहेड ब्रिज, फ्लाई ओवर बनाने का मामला भी उठा।
इस दौरान एडीएम अश्वनी कुमार, एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला, एसडीएम मनाली रमन शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी डॉ. गणेश, एनएचएआई के परियोजना अधिकारी वरुण चारी, अशोक चौहान, लोक निर्माण विभाग अधीक्षण अभियंता जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे। संवाद