कुल्लू। जिला कुल्लू में देवता गुग्गा जाहर पीर हारियान क्षेत्रों की परिक्रमा कर रहे हैं। रविवार को देवता ने हारियान क्षेत्र भुंतर की परिक्रमा की और उसके बाद अपने देवालय कुल्लू स्थित सुल्तानपुर लौट गए। इससे पहले देवता का शमशी, मौहल, पिरड़ी, बदाह, टीकरा बावड़ी, गांधीनगर, ढालपुर, सरवरी में श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। देवता के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। देवता दोपहर बाद अपने कारकूनों के साथ वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों के बीच लाव-लश्कर के साथ भुंतर से कुल्लू के लिए निकले। देर शाम सुल्तानपुर स्थित मंदिर में पहुंचे।
देवता के कारकून मोहन, संजू, मनमिंद्र, रवि ने कहा कि देवता गुग्गा जाहर पीर भाद्रपद माह में अपने हारियान क्षेत्र की परिक्रमा करते हैं और बुरी शक्तियों को क्षेत्र से बाहर करते हैं। कहा कि देव परंपरा का सदियों से निर्वहन होता आ रहा है। कहा कि श्रद्धालुओं ने रास्ते में देवता का जगह-जगह भव्य स्वागत किया।