संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू की मंडियों में रेडब्यूट के बाद खट्टे-मीठी व रसीले सेंटारोजा प्लम की धमाकेदार एंट्री हो गई है। निचले इलाकों में सेंटारोजा प्लम की फसल तैयार हो गई है।
सेंटारोजा प्लम भुतंर सब्जी मंडी में सोमवार को पिछले वर्ष की तुलना में पांच रुपये ज्यादा बिका है। यानी सेंटारोजा की 75 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बोली लगी हैं, जबकि पिछले वर्ष शुरुआती दौर में 70 रुपये प्रति किलो बिका था। बागवानों को उम्दा दाम मिलने से उनके चेहरों पर रौनक आ गई है। बता दें कि रेडब्यूट प्लम के बाद अब सेंटारोजा किस्म का प्लम मंडियों में पहुंचना आरंभ हो गया है।
जिले में इस किस्म के प्लम की पैदावार सबसे ज्यादा होती है, जबकि अन्य किस्म का प्लम अभी कम मात्रा में पैदा हो रहा है। जिला कुल्लू में करीब 12,000 हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न किस्म का प्लम तैयार होता है। इस साल मार्च और अप्रैल में कम बारिश होने से प्लम का आकार और गुणवत्ता बेहतर नहीं है, लेकिन इसके बावजूद मंडियों में अच्छे दाम बागवानों को मिले रहे हैं। मंडियों में फलों के आने से रौनक आने लगी है। इस कारोबार से जुडे़ लोगों की कमाई भी अच्छी होने लगी है।
घाटी के बागवान अमित, चमन ठाकुर, बुद्धि प्रकाश, प्रताप पठानिया, देवराज नेगी, ज्ञान ठाकुर व सुशील भंडारी ने कहा कि सूखे के चलते दो सप्ताह पहले प्लम की फसल तैयार हो गई। अमूमन प्लम का सीजन जून माह के दूसरे सप्ताह में आरंभ होता है। प्लम की फसल पिछले साल की अपेक्षा 50 प्रतिशत कम है। ओलावृष्टि और अंधड़ से फसल को काफी नुकसान हुआ है। भुंतर सब्जी मंडी में व्यापारी सिंधु सागर शर्मा ने कहा कि फल व सब्जियों का सीजन शुरू होते ही स्थानीय मंडियों में रौनक लौटने लगी है। उधर, कुल्ल एवं लाहौल-स्पीति के एपीएमसी के सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि मंडियों में अब सेंटारोजा प्लम की खेप पहुंचनी शुरू हो गई है। भुंतर मंडी में सोमवार को सेंटारोजा 75 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका है। संवाद
निचले क्षेत्रों में शुरू हुआ सीजन : लालचंद
सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के प्रधान लाल चंद ठाकुर ने कहा कि सेंटारोजा प्लम कुल्लू के निचले इलाकों में शुरू हो गया है। शुरूआती दौर में प्लम अच्छे दाम में बिक रहा है। लंबे सूखे के कारण इस वर्ष 15 दिन पहले ही फल पकने शुरू हो चुके हैं। अच्छे दाम मिलने से बागवानों की आर्थिकी मजबूत होगी।