कुल्लू। जिले के अधिकांश निजी स्कूल की बसों और छोटे वाहन में महज चार किलोमीटर का बच्चों से 800 रुपये तक मासिक किराया वसूल रहे हैं। डेढ़ किलोमीटर का 400 रुपये किराया लिया जा रहा है।
निजी स्कूल प्रबंधन महंगाई के दौर पर अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। हालांकि कुछ स्कूलों में हिमाचल पथ परिवहन निगम के किराये की तर्ज पर बच्चों से मासिक शुल्क ले रहे हैं। बच्चों को स्कूल लाने और घर वापस जाने के लिए अधिकतर स्कूलों में बसों का उपयोग हो रहा है। इसमें कुछ बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जबकि अन्य में व्यवस्था शून्य के बराबर है। परिवहन विभाग कुल्लू के पास निजी स्कूलों की कुल 177 बसें-वाहन पंजीकृत हैं। इनकी जांच परिवहन विभाग समय-समय पर कर रहा है। सभी बसें स्कूलों की ओर से स्वयं संचालित की जा रही हैं।
कुल्लू कॉन्वेट स्कूल के प्रबंध निदेशक सुरेश ने बताया कि कोरोना काल के बाद स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है। उन्होंने कहा बच्चों से बसों का मासिक शुल्क न्यूनतम ही लिया जा रहा है। बच्चों को अधिकतर बसों में घर छोड़ा जा रहा है।
20 किमी के लिए जा रहे 1200 मासिक शुल्क
स्वतंत्र स्कूल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष और ला मोंटेसरी स्कूल के प्रबंध निदेशक उदय सिंह कंवर ने बताया कि अगर एक बच्चा प्रतिदिन 20 किलोमीटर दूर स्कूल आता है तो उससे लगभग 1200 रुपये मासिक शुल्क ही लिया जाता है। उन्होंने कहा उनके पास चार स्कूल हैं। इसमें चार बड़ी बसें हैं। उन्होंने कहा दो अन्य बसों को लेने का प्रक्रिया चल रही है। अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों के अभिभावकों से पथ परिवहन निगम की तर्ज ही बसों का मासिक शुल्क लिया जा रहा है।
परिवहन विभाग के पास 170 बसें पंजीकृत: हेमंचद
परिवहन विभाग कुल्लू के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हेमचंद वर्मा ने बताया कि विभाग के पास निजी स्कूलों की 170 बसें-वाहन पंजीकृत हैं। समय-समय पर बसों का निरीक्षण किया जाता है। इसके लिए विशेष टीम का गठन किया है। उन्होंने कहा बसों में बच्चों को स्कूल लाने और घर छोड़ने की पूरी सुरक्षा स्कूल प्रबंधन समिति की होती है।
स्कूली बसों में मनमर्जी का लिया जा रहा शुल्क: नूप
अभिभावक नूप राम ने बताया कि निजी स्कूल प्रबंधन बसों में बच्चों को स्कूल ले जाने और घर छोड़ने का ज्यादा मासिक शुल्क ले रहे हैं। इससे परेशानी हो रही है। महंगाई के दौर में अभिभावकों की जेब ढीली हो रही है। इस कोई संज्ञान नहीं ले रहा है।
स्कूल प्रबंधन की है जिम्मेदारी : गिरधारी
अभिभावक गिरधारी ने बताया कि निजी स्कूल की बसें ही बच्चों को स्कूल ले जाती हैं और घर वापस छोड़ रही हैं। बच्चों के घर पहुंचने तक उनकी सुरक्षा का पूरा जिम्मा स्कूल प्रबंधन का होता है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल बसों में बच्चों से मासिक शुल्क भी मनमर्जी का वसूल रहे हैं।