खराहल (कुल्लू)। जिले की सब्जी मंडियों में मैरीपोजा प्लम के दाम गिर गए हैं। बागवानों का बगीचे पर हुआ खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है। इससे बागवान मायूस हैं। देश की सबसे बड़ी सब्जी मंडी दिल्ली के साथ अन्य राज्यों में मैरीपोजा प्लम की मांग कम होने से दामों में भी गिरावट आई है। कई बागवानों ने मैरीपोजा प्लम का तुड़ान बंद कर दिया है। कम दाम मिलने की वजह से बागवानों का खाद, मजदूरी, दवा और किराया भी पूरा नहीं हो पा रहा
प्लम उत्पादक चमन लाल, वीर सिंह, संजय कुमार, देवेंद्र सिंह और देवराज नेगी आदि ने कहा कि सब्जी मंडी में कौड़ियों के भाव से मैरीपोजा प्लम बिक रहा है। उन्होंने सरकार से बागवानों को समर्थन मूल्य मुहैया करवाने की मांग की है। सब्जी मंडियों में अन्य किस्म के प्लम के दाम अच्छे मिल रहे है।
मंगलवार को बंदरोल सब्जी मंडी में मैरीपोजा प्लम को 7, 10, 15 और 18 रुपये प्रतिकिलो की बोली लगी है। बागवानों का कहना है कि एक क्रेट पर करीब डेढ़ सौ रुपये का खर्च आता है। शुरू में मैरीपोजा प्लम 55 रुपये तक बिका, लेकिन अब 60 से 65 फीसदी की गिरावट आ गई है। फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष प्रेम शर्मा बताते हैं कि कम दाम मिलने से बागवानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति विपणन बोर्ड से मांग की है कि सब्जी मंडियों में आढ़तियों और बिचौलियों पर निगरानी रखी जाए। बंदरोल सब्जी मंडी के आढ़ती मोहन ठाकुर ने गाला सेब 240, ब्लैक अंबर प्लम 90, मैरीपोजा प्लम 7 से 18 रुपये, टमाटर 30, फूलगोभी 35, बंदगोभी की 14 रुपये प्रतिकिलो तक बोली लगी है। संवाद