संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अटल टनल रोहतांग आने पर मनाली में करीब पांच घंटे तक यातायात को रोका गया। वशिष्ठ से आगे सैलानियों के वाहनों को नहीं जाने दिया।
पांच घंटे ट्रैफिक रोकने की सूचना मिलते ही मजबूरी में सैलानी अटल टनल को निहारने की बजाय मणिकर्ण पहुंच गए। अन्य दिनों के मुकाबले शनिवार को भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर सैलानियों के वाहनों की संख्या में भारी इजाफा हुआ। इसके कारण मार्ग पर तीन से चार घंटे तक जाम लगा रहा। सैलानियों के वाहन फंसे रहे, जबकि मार्ग पर दोनों तरफ चार से पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। इनमें पथ परिवहन निगम और निजी बसें भी घंटों देर तक फंस रही।
बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शनिवार को अटल टनल की वादियों को निहारने के लिए पहुंचे थे। जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से यातायात को मनाली के वशिष्ठ के पास ही रोक दिया। इसकी सूचना मिलने पर सैलानियों ने अपने वाहनों को तुरंत वापस मोड़ दिया और पर्यटन स्थल मणिकर्ण-कसोल घूमने के लिए पहुंच गए, लेकिन भुंतर से लेकर मणिकर्ण घाटी पहुंचने तक उन्हें एक घंटे की बजाय पांच घंटे का सफर करना पड़ा, जबकि कुछ सैलानियों को शुक्रवार को ही राष्ट्रपति के दौरे की सूचना मिली थी। ऐसे में सैलानी पहले ही सुबह मणिकर्ण पहुंच गए थे।
पुलिस जवानों को जाम खोलने में पूरी ताकत झोंकनी पड़ी, लेकिन भारी वाहनों के आगे पुलिस भी बेबस दिखाई दी। उधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने बताया कि भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर पुलिस ने जवानों को तैनात किया है। अचानक वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की स्थिति पैदा हुई है। जवानों ने जाम को खोलने का पूरा प्रयास किया है।