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वीकेंड में भी चौपट हो गया मनाली का पर्यटन कारोबार

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मनाली में पर्यटको की संख्या में काफी कमी आई है मॉल रोड़ पर पहुचें सैलानी। - फोटो : Kullu
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कुल्लू। जिले में वीकेंड पर भी पर्यटन कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है। ऑनलाइन बुकिंग न होने से वीकेंड में होटलों की ऑक्यूपेंसी आम दिनों की तरह चल रही है। मनाली में बड़े होटलों के साथ निगम के होटलों में दो से चार कमरे लग रहे हैं।
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अगस्त माह से कुल्लू-मनाली में ऑक्यूपेंसी दस फीसदी से भी नीचे आ गई है। पर्यटन कारोबारी इसके लिए बरसात को जिम्मेदार मान रहे हैं। हालांकि अगस्त माह में बरसात के चलते पर्यटकों की संख्या में कमी रहती है, मगर इस बार मनाली के होटल पूरी तरह से सूने पड़ गए हैं, जबकि छोटे और मध्यम स्तर के कई होटलों में ताले लगाने की नौबत आ गई है, जबकि बड़े होटलों में गिने-चुने कमरे लग रहे हैं। यही हाल पर्यटन निगम के होटलों का भी है।
ऑनलाइन बुकिंग के साथ पूछताछ भी पूरी तरह से रुक गई है। जानकारी के अनुसार मनाली के साथ पार्वती घाटी, तीर्थन और जिभी वैली के साथ लाहौल घाटी में दिन प्रतिदिन पर्यटकों की आवाजाही में कमी आ रही है। कारोबारियों को सितंबर माह तक स्थिति ऐसी ही रहने की उम्मीद है। वहीं, प्रदेश सरकार ने अब प्रदेश में आने वाले सैलानियों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि उन्हें अपने साथ टीकाकरण और आरटीपीसीआर रिपोर्ट को अपने साथ लाना होगा। मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनपू राम ठाकुर ने कहा कि सरकार की पहल अच्छी है, लेकिन यह एडवाइजरी पर्यटकों के साथ प्रदेश और जिले में प्रवेश करने वाले हर बाहरी व्यक्ति पर लागू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम से मनाली में सैलानियों की कम हुई है।
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