कुल्लू। पर्यटन नगरी मनाली के होटल कारोबारी सैलानियों के इंतजार में हैं। डेढ़ महीने से मनाली के साथ जिला कुल्लू में मणिकर्ण, बंजार में पर्यटन कारोबार ठप हो गया है। वहीं होटलों में सितंबर माह के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग नहीं आ रही है। हालांकि अब पर्यटकों के लिए कोविड की आरटीपीसीआर रिपार्ट के साथ टीकाकरण की डबल डोज लगवाना जरूरी कर दिया है। जिससे घाटी के पर्यटन कारोबार में और भी कमी आई है। मनाली के साथ जिला के अन्य पर्यटन स्थलों में मात्र 10 प्रतिशत होटल व होमस्टे में इक्का-दुक्का कमरे ही लग रहे हैं। 90 फीसदी होटल अब पूरी तरह से खाली पड़े हैं। ऐसे में अब होटल मालिकों व संचालकों को अपने स्टाफ का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है। पर्यटन उद्योग में मंदी की मार से कई होटलियरों ने आधे से अधिक स्टाफ को छुट्टी पर भेज दिया है। वहीं होटलियरों की नाराजगी है कि सरकार ने आरटीपीसीआर टेस्ट रिपार्ट के साथ उन पर्यटकों को आने की अनुमति दी है, जिन्होंने कोरोना की दोनों डोज लगा दी है।
होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि मनाली में एक से डेढ़ माह से पर्यटन कारोबार पूरी तरह से तबाह हो गया है। पहले बरसात के चलते और अब कोरोना की डबल डोज से सैलानी मनाली नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार का गलत निर्णय है और सरकार को कोरोना की पहली डोज लगवा चुके सैलानियों को भी आने की अनुमति देनी चाहिए। पूर्व प्रधान गजेंद्र ठाकुर, परस राम, भाग चंद तथा रोशन लाल ने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं आ रही है। इसका खमियाजा होटलियरों के साथ टैक्सी संचालकों को भी भुगतना पड़ रहा है। उधर, मनाली में लगे पर्यटन विभाग के ग्रीन टैक्स बैरियर में जिला में मात्र 100 पर्यटक वाहन ही पहुंच रहे हैं। पिछले सप्ताह यह संख्या 200 के आसपास थी। जिला पर्यटन अधिकारी राजेश भंडारी ने कहा कि कुल्लू-मनाली में सैलानियों की संख्या में कमी आई है।