कुल्लू। जिले की गड़सा घाटी के आशनी गांव के आराध्य देवता भृगु सोमवार 16 मई को शाही स्नान करेंगे। यह शाही स्नान बरशैणी घाटी के पवित्र स्थान रूद्रनाग में 13 साल बाद होगा। इससे पहले देवता ने यहां 2009 में शाही स्नान किया था।
अब देवता का नया रथ बनने से देवता शाही स्नान के लिए चार मई को लाव-लश्कर के साथ आशनी गांव से रवाना हो गए हैं। यात्रा के दौरान देवता का जगह-जगह पर भक्तों की ओर से भव्य स्वागत किया जा रहा है। लोग देवता का आशीर्वाद भी ले रहे हैं। देवता 16 मई को अपने पवित्र स्थान रूद्रनाग पहुंचेंगे। इस दौरान लगभग दस हजार हारियान देवता के साथ होंगे। भृगु देवता के कारदार मानसुख, पुजारी लीलीधर, गूर खेमराज, गुलशन और हारियान तेजेंद्र सिंह, ऐलराम, रामकृष्ण, गुलशन कुमार समेत अन्य ने बताया कि देवता अपने नए रथ पर विराजमान हुए हैं। इसलिए रथ का शुद्धिकरण पवित्र स्थान पर शाही स्थान करने के बाद होता है। उन्होंने कहा कि शाही स्नान अन्य परिस्थितियों पर भी देव आज्ञा पर किया जाता है। इसमें अनहोनी घटना होने के बाद देवरथ का शुद्धिकरण जरूरी होता है। वहीं, लोगों के खुशहाल जीवन के लिए देवता शक्तियों को फिर से अर्जित करने के लिए समय-समय पर तीर्थ यात्रा पर निकलते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले देवता ने 2009 में शाही स्नान किया है। अब 16 मई को देवता का शाही स्नान होगा। इसके बाद देवता अपने देवालय को वापस रवाना होंगे।