निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कुल्लू में युवा इंटक ने लामबंद हो गई है। युवा इंटक के जिला अध्यक्ष दोत्तराम की अध्यक्षता युवा इंटक का एक प्रतिनिधिमंडल सहायक आयुक्त अमित गुलेरिया से मिला और उनके माध्यम से निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर सीएम वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भेजा। युवा इंटक ने फीस समेत अन्य चीजों पर नियंत्रण के लिए एक समिति गठित करने की मांग उठाई है। युवा इंटक के जिला अध्यक्ष दोत राम ने बताया कि निजी स्कूल हर साल फीस में मनमाने तरीके से वृद्धि कर रहे हैं और कई स्कूलों में फीस 20-20 हजार रुपये तक ली जा रही है। कई स्कूल अभी बिना मान्यता के चल रहे हैं और ये स्कूल बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
कई स्कूलों में पास अपना भवन समेत खेल का मैदान भी नहीं है। निजी स्कूलों के पास अपनी बस सेवा होना जरूरी है, लेकिन कई स्कूल अभी भी किराये के वाहनों में बच्चों को ढो रहे हैं। स्कूल बसों में बच्चों को भी जबरदस्ती भरा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ निजी स्कूल किताब, कापियों, पेंसिल और वर्दी के नाम पर अभिभावकों को लूट रहे हैं। कई स्कूलों ने इसके लिए दुकानें तय कर रखी हैं। अभिभावकों को स्कूलों द्वारा तय दुकानों से ही खरीद करनी पड़ती है। उक्त स्कूलों ने इन दुकानदारों से मोटी कमीशन तय कर रखी है। जिस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगानी चाहिए। इस अवसर पर इंटक के प्रदेश महासचिव उमेश शर्मा ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई अमल पर लाई जानी चाहिए। वहीं सभी नियमों का पालन भी होना चाहिए। इस दौरान महामंत्री बासुदेव, गौरी, राजेंद्र, सत्य प्रकाश, दिनेश, राम चंद्र, अजय कुमार, हेम सिंह और अन्य मौजूद थे।