कुल्लू। जिले में वन काटुओं के साथ भू माफिया भी सक्रिय है। इसके चलते वन क्षेत्र बढ़ने के बजाय तेजी से सिमट रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले बढ़े हैं। भू माफिया की सक्रियता पर रोक लगाने के लिए अब वन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वन मंडल कुल्लू में करीब 468.6 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है।
भू माफिया पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने 250 हेक्टेयर से अवैध कब्जा हटा दिया है। विभाग के पास अतिक्रमण के कुल 781 मामले हैं। इनमें से 914 मामलों पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने कब्जों को हटाया है। वन विभाग अतिक्रमण के दो तरह के मामलों के तहत भू माफिया पर कार्रवाई कर रहा है। पहले मामले में विभाग दस बीघा से कम वन भूमि पर किया गया कब्जा हटा रहा है। दूसरे मामले में दस बीघा से अधिक वन भूमि पर किए गए कब्जों को हटाया जा रहा है। वन मंडल कुल्लू के पास दस बीघा से कम कब्जे वाले 627 मामले हैं। इनमें भू माफिया ने करीब 115.6 हेक्टेयर में कब्जा कर रखा है। लेकिन विभाग 80 हेक्टेयर भूमि को अपने अधीन कर चुका है। दस बीघा से अधिक वन भूमि पर अतिक्रमण के 354 मामले हैं। इनमें लगभग 353 हेक्टेयर में से 170 हेक्टेयर में वन विभाग ने कब्जा हटाया है। भू माफिया पर कार्रवाई करते हुए वन मंडल कुल्लू ने 644 मामलों में वन भूमि से कब्जा हटाया है। 215 मामलों में कब्जा धारकों के चालान किए गए हैं। 67 मामलों पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है। 55 मामलों में कब्जाधारकों ने न्यायालय से स्टे लिया है। इस संबंध में डीएफओ एंजल चौहान ने कहा कि भू माफिया ने वन मंडल कुल्लू की करीब 468.6 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था। विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 250 हेक्टेयर से कब्जा हटाया है। कहा कि विभाग भू माफिया पर शिकंजा कस रहा है। वन भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।