फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दहकते अंगारों पर चलकर दी अग्नि परीक्षा

विज्ञापन
भुंतर के पिपलाआगे में उत्सव के दौरान अंगारों पर देव नृत्य करते माता के गुर। - फोटो : Kullu
विज्ञापन
कुल्लू। दहकते अंगारों पर चलकर गूरों व चेलियों ने अग्नि परीक्षा दी। सोमवार देर रात भुंतर स्थित पीपलआगे में माता नैना का 21वां जाग उत्सव मनाया गया। उत्सव में माता नैना भद्रकाली, कोयला, शीतला व छत्रेश्वरी का भव्य मिलन हुआ।
विज्ञापन

देव परंपरा का निर्वहन करते हुए गूरों व चेलियों ने चारों देवियों की अगुवाई में दहकते अंगारों पर चलकर अग्नि परीक्षा दी। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जाग उत्सव में पहुंचकर आराध्य माताओं के समक्ष शीश नवाया। रातभर मंदिर में भजन-कीर्तन का दौर भी चलता रहा है। इसके चलते शोभला सा तेरा दरबार, तेरे मंदिर रा नजारा, आज होना दीदार मईया दा, मां नैणा आदि भजनों से माता की महिमा का बखान किया गया। माता नैणा भद्रकाली ने सोमवार देर रात एक बजे वाद्य यंत्रों की धुन पर जलते अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। माता के गूरों और चेलियों ने दहकते अंगारों पर चलकर दैवीय शक्तियों को प्रमाणित किया। माता भद्रकाली के पुजारी अमित महंत ने कहा कि माता नैणा का 21वां जाग उत्सव देव आज्ञा अनुसार मनाया गया। इस जाग की विशेषता यह है कि माता के रथ के साथ गूर व चेलियां अंगारों पर चलते हैं। माता रानी की कृपा से किसी के भी पैर में आंच तक नहीं आती। यह सब माता की शक्ति से ही संभव हो पाता है। जाग के दिन माता सभी भक्तों के दुखों का निवारण करती हैं। इस नजारे को देखने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें