कुल्लू। कुल्लू घाटी के बगीचों में अमेरिकन चेरी, प्लम, खुमानी और आडू की खुशबू महकेगी। इसकी खेप बागवानी विभाग कुल्लू के पास पहुंच गई है। यह नई प्रजाति के विदेशी पौधे महज तीन साल में फल देना शुरू कर देंगे। यह पौधे रोग मुक्त और बेहतर गुणवत्ता वाले हैं। बागवानों को प्रति पौधा सब्सिडी के साथ 400 रुपये में मिलेगा। इन पौधों से होने वाले उत्पादन से बागवानों की आय भी बढ़ेगी।
इन पौधों को प्रदेश सरकार के सहयोग से बागवानी विभाग ने अमेरिका से मंगवाया है। इन किस्मों से मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पैदावार होगी। बागवानी विभाग कुल्लू के पास नई प्रजाति के 200 पौधे पहुंच गए है। कुल्लू, नग्गर, बंजार और आनी के एसएमएस कार्यालयों पौधों का वितरण बागवानों को दो दिनों के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। -संवाद
मार्च अंत तक बगीचों में लगाए जाएंगे पौधे
जिले में मार्च के अंत तक बागवान बगीचों में पौधों को लगा सकेंगे। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार बागवान मार्च अंत बगीचों में पौधों को लगा सकते हैं। इसके बाद समय खत्म हो जाएगा। हालांकि अधिकतर बागवानों ने लोकल वैरायटी के पौधों को बगीचों में लगा दिया है। वहीं बड़े फलदार पौधों में रंग-रोगन का काम भी पूरा हो गया है। अब बगीचों की देखभाल की जा रही है।
अमेरिकन वैरायटी के चेरी पौधों में विंग चेरी, कोरल छमाजन और प्लम में अर्ली प्रूण, खुमानी में बेनयूचयर और आडू प्रजाति शामिल है। बागवानी विभाग के अनुसार अमेरिकन वैरायटी के पौधों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ज्यादा रहती है। जबकि पैदावार भी उम्दा होती है। बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. बीएम चौहान ने बताया कि अमेरिकन चेरी, प्लम, आडू और खुमानी पौधों की खेप विभाग के पास पहुंच गई है। बागवानों को जल्द इसका वितरण किया जाएगा। बागवान मार्च अंत तक बगीचों में पौधों को लगा सकते हैं।