कुल्लू। जिला कुल्लू में सरकारी ठेकेदारों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। डब्ल्यू एक्स फार्म के चलते जिले में करीब 500 ठेकेदारों के करीब 20 करोड़ रुपये के बिल फंसे हुए हैं।
कई ठेकेदारों ने निर्माण कार्य 10 माह पूर्व पूरा कर लिया है, लेकिन बिलों को भुगतान नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है। इसका असर ठेकेदारों के साथ सैकड़ों कामगारों, दुकानदारों पर भी पड़ा है, जिनके बिलों की राशि नहीं मिल रही है। ठेकेदार ढालपुर में मंगलवार को भी लोनिवि के कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए नारेबाजी की। इस दौरान पूर्व सांसद महेश्वर सिंह को सरकारी ठेकेदारों ने अपनी समस्या से अवगत करवाया। उन्होंने ठेकेदारों को उनकी समस्या को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। जिले में करीब 500 ठेकेदारों के हड़ताल पर उतरने से 200 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद हो गए हैं। बर्फबारी, बारिश व भूस्खलन होने से बंद सड़कों को बहाल करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि ठेकेदारों का कहना है कि अगर आपदा के चलते कोई मरीज किसी सड़क के बंद होने से फंसता है तो उसे ठेकेदार सड़क बहाल कर अस्पताल पहुंचाने का काम करेेंगे। कुल्लू कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संजीव शर्मा, उपाध्यक्ष जोगेंद्र मेहरा, प्रकाश शाशनी, कपिल राणा, महासचिव जसपाल, कुल्लू मंडल अध्यक्ष कमल कांत शर्मा, महासचिव जगदीश ठाकुर तथा सुुुभाष शर्मा ने कहा कि उनकी हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। ठेकेदार डब्ल्यू एक्स आदि फार्म की शर्त हटाने की लगातार मांग कर रहे हैं। बताया कि फार्म के चलते ठेकेदारों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। काम करने के बाद भी उनका भुगतान नहीं हो रहा है। इससे कई लोगों की आर्थिकी पर असर पड़ा है और कामगारों को सबसे अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है। उनको पेमेंट नहीं होने से उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करना कठिन हो गया है।