संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अब कुल्लू जिले के अनछुए पर्यटन स्थल जल्द विकसित होंगे। नग्गर की रूमसू पंचायत समेत और ब्राण, शलीन के आसपास के क्षेत्रों को भी पर्यटन में जोड़ा जाएगा। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों व लोगों से 20 दिनों के भीतर एसडीएम कार्यालय कुल्लू व मनाली में सुझाव मांगे गए हैं। यह बात शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मंगलवार को मनाली शहर के विकासात्मक प्लान को लेकर एसडीएम कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि अमृत योजना के तहत कुल्लू वैली के लिए विकास योजना बनाई जा रही है। इस विकास योजना को 2041 तक ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसी संदर्भ में शिक्षा मंत्री ने सभी अवैध भवनों का विवरण उपलब्ध करवाने के निर्देश विभाग को दिए। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर ने कहा कि टीसीपी नियमों से पहले बने हुए भवनों को वास्तविक प्रयोग करने हेतु स्वीकृत करने के लिए टीसीपी के मास्टर प्लान में प्रावधान किया जाए। इस पर नगर एवं ग्रामीण योजनाकार रसिक शर्मा ने बताया कि नए टीसीपी नियमों के तहत कुल्लू वैली मास्टर प्लान में आवासीय भूमि पर भवन निर्माण के लिए 21 मीटर की अधिकतम छूट रहेगी, जबकि वर्तमान में यह 18.5 मीटर है। बैठक में नगर परिषद मनाली अध्यक्ष चमन कपूर, उपाध्यक्ष मनोज लारजे, एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर, मनाली होटलियर संघ के प्रधान मुकेश ठाकुर व मनाली की 16 पंचायतों के जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
व्यावसायिक भवनों के लिए एक मंजिल पार्किंग जरूरी
व्यावसायिक भवनों के लिए एक मंजिल पार्किंग रखना आवश्यक होगा। इसी प्रकार पार्किंग फ्लोर में एक वाहन कक्ष तथा एक रिसेप्शन कक्ष बनाने की छूट रहेगी। होम स्टे की रजिस्ट्रेशन के लिए किसी प्रकार की पार्किंग एरिया की जरूरत नहीं होगी। ग्राम पंचायत गोजरा के प्रधान हुक्म राम ने सुझाव देते हुए कहा कि टीसीपी के अंदर बड़ी परियोजनाओं की जगह छोटी-छोटी मल निकासी परियोजनाओं को शामिल किया जाए
मल योजना अंतिम चरण में, जल्द होंगे टेंडर
मनाली शहर के लिए 83 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना का कार्य अंतिम चरण में है। इसके टेंडर जल्द शुरू किए जाएंगे। इसी तरह 1600 करोड़ की लागत से बनने वाली ब्यास नदी चैनलाइजेशन योजना को धरातल पर उतारने के लिए डीपीआर तैयार करने को विभाग को निर्देश दिए। इस कार्य के पूर्ण होने के बाद कुल्लू वैली विकास योजना के लिए काफी जमीन उपलब्ध होगी।