मनाली (कुल्लू)। नगर परिषद के गारवेज ट्रीटमेंट प्लांट रांगड़ी की खामियों पर प्रशासन सख्त हो गया है। कूड़े का उचित निष्पादन नहीं होने, आसपास के इलाकों में दुर्गंध फैलने और ब्यास में हो रहे कूड़े के गंदे पानी के रिसाव पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) गंभीर है।
एनजीटी के पास पहुंची शिकायत के बाद उपायुक्त आशुतोष गर्ग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ समेत एक टीम ने सोमवार को गारवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने नगर परिषद को खामियों को जल्द दूर कर प्लांट के कचरे को ठिकाने लगाने और दुर्गंध को रोकने के कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने रोजाना निकलने वाले कचरे और पुराने कचरे के निष्पादन स्थलों का निरीक्षण कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। गारवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उठ रही दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। स्कूल विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ रहा है। आसपास के स्कूल प्रबंधन और अन्य लोगों ने एनजीटी में इसकी शिकायत की है।
इसके बाद एनजीटी ने प्लांट के कचरे को निष्पादित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के आदेश दिए हैं। इसी सिलसिले में उपायुक्त ने प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान डंप पड़े कचरे को निष्पादित करने की प्रक्रिया तेज करने के साथ रोज आ रहे कचरे को भी ठिकाने लगाने के आदेश दिए। उन्होंने कचरे के ढेर से ब्यास में हो रहे रिसाव को रोकने के भी नगर परिषद को आदेश दिए।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि एनजीटी के आदेश पर इससे पहले भी साइट का निरीक्षण किया गया है। उस दौरान से अब तक काफी सुधार हुआ है। दुर्गंध अब पहले से कम हुई है। नगर परिषद और प्लांट चला रही दोनों कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि कूड़े के निष्पादन की प्रक्रिया तेज करें।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इसकी निगरानी कर रहा है। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता सुनील शर्मा, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी करुण भरमौरिया समेत शिकायतकर्ता भी मौजूद रहे।