केलांग/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। स्कूलों में परीक्षाएं सिर पर हैं और एसएमसी शिक्षक हड़ताल पर चले गए हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। लाहौल घाटी के अधिकतर स्कूल एसएमसी शिक्षकों के हवाले हैं। उनके हड़ताल पर जाने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
मार्च महीने से स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। जिला लाहौल-स्पीति में पहले से ही अध्यापकों की भारी कमी चल रही है। एसएमसी शिक्षकों के हड़ताल पर जाने से चिंता बढ़ गई है। लाहौल-स्पीति जिले के सभी 158 शिक्षक स्थायी नीति की मांग को लेकर आठ फरवरी से कलम बंद हड़ताल पर हैं। इन शिक्षकों का कहना है कि वे 12 वर्ष से सेवारत हैं, मगर सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं कर रही है।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाहलमा के एसएमसी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए। कहा कि इन दिनों बजट सत्र चल रहा है, ऐसे में सरकार उनकी मांग को पूरा कर सकती है। उधर, आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाहलमा, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला केलांग, उदयपुर, त्रिलोकनाथ, तिंदी, मड्ग्रां, कोलंग, सिस्सू और शांशा साहित घाटी के अन्य स्कूलों ने भी एसएमसी अध्यापकों की पेनडाउन हड़ताल का समर्थन किया है।
एसएमसी अध्यापक कलमबंद हड़ताल पर हैं। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि जब तक एसएमसी अध्यापक हड़ताल पर रहेंगे तब तक स्कूल में दूसरे अध्यापक बच्चों की पढ़ाई को सुचारु रखें ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
-सतीश कुमार, शिक्षा उपनिदेशक लाहौल स्पीति