बंजार के पेड़चा फागली के दौरान बीठ के साथ देवलूू।
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत सराज और मोहनी के गांव पेड़चा और अल्वाह में लोगों ने देवता भगवान विष्णु नारायण पेड़चा की फागली मनाई। सैकड़ों वर्ष पुरानी देव परंपरा का निर्वहन किया गया।
भगवान विष्णु नारायण पेड़चा के कारदार टीसी महंत ने बताया कि 12 फरवरी को विष्णु नारायण पेड़चा के मंदिर में देव तुआर उत्सव मनाया गया। इस दौरान भगवान विष्णु नारायण के गूर ने उपस्थित हरियानों को बूढ़ा केदार तीर्थ स्थल की देव यात्रा के देव आदेश दिए। देवता के कारदार, कारकून, गूर और पुजारी ने तीन दिन तक निराहार व्रत किया।
देवता के सम्मान मेंं पेड़चा में तीन दिवसीय ऐतिहासिक फागली उत्सव का शुभारंभ नारायण मंदिर से परंपरागत वाद्ययंत्रों की मधुर धुन से हुआ। सैकड़ों ग्रामीणों ने मुखौटे पहनकर घर-घर जाकर देव विष्णु नारायण की महिमा का बखान किया। टोली ने घर के मुखिया को जूब देकर परिवार में सुख समृद्धि की कामना की।
वीरवार को तीसरे दिन भगवान विष्णु नारायण स्वरूप बीठ की मंदिर में साज सजावट के बाद पुजारी ने पूजा-अर्चना की। इस दौरान भगवान विष्णु स्वरूप प्रतिमा रूपी बीठ का महर्षि मार्कंडेय पेड़चा के देवालय स्थित मरकेहड़ में भव्य देव मिलन हुआ। शाम को बीठ को जनता के उमड़े हुजूम में फेंकने की प्रक्रिया शुरू हुई।
देव परंपरा के बाद बीठ को लोगों के बीच फेंका गया। बीठ को पकड़ने की स्पर्धा में गांव सरंडी के दिनेश कुमार को सफलता मिली। देवता के कारदार ने बीठ के गुलदस्ते को दिनेश कुमार को भेंट कर उन्हें देव लोई से सम्मानित किया। दिनेश कुमार ने भगवान विष्णु नारायण के सभी हरियानों को अपने घर प्रीतभोज के लिए आमंत्रित किया। मान्यता है कि फागली में जो बीठ को पकड़ता है उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। संवाद