कुल्लू। सुनकर हैरानी होगी, पर यह सच है। कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र के तीन गांवों में आजादी के 75 साल बाद बिजली पहुंचेगी। शाक्टी, मरोड़ और शुगाड़ गांव में लैंप और लालटेन की धुंधली रोशनी में रात बिताने वाले लोगों के घरों में अब बल्ब जलेंगे। जिला प्रशासन ने इन गांवों तक बिजली पहुंचाने की तैयारी कर ली है। कुछ औपचारिकताएं बची हैं, इनके पूरा होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। गांव के लोगों की दशकों पुरानी मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। प्रशासन ने फिलहाल फैसला लिया है कि जब तक लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं होता है। तब तक अस्थायी तौर पर यहां ऑफ ग्रिड समाधान से बिजली पहुंचाई जाएगी। ग्रिड की स्थापना के लिए दो से ढाई बीघा जमीन की व्यवस्था करनी होगी। प्रशासन की इस कवायद से ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे हैं।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि गांवों के लिए बिजली पहुंचाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए मामला वन्य प्राणी विभाग को भेजा है। इसकी स्वीकृति मिलते ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। जब तक बिजली नहीं पहुंचती तब तक शाक्टी-मरोड़ में ऑफ ग्रिड समाधान से गांव को बिजली प्रदान की जा सकती है। इस ग्रिड की स्थापना के लिए लोगों को कुछ जमीन की व्यवस्था लोगों को करनी होगी। लपाह में बंद पड़े टावर का भी संचालन किया जाएगा।
लोगों ने लगाई हैं सोलर लाइटें, आधा साल रहती हैं बंद
गांवों के लोगों ने बिजली की व्यवस्था के लिए सोलर लाइटें लगाई हैं। घाटी में बारिश और बर्फबारी होते ही यह लाइटें जवाब दे जाती हैं। चार्जिंग नहीं होने के कारण लोगों के घरों में कई महीनों तक अंधेरा रहता है।
शोपीस बन जाते हैं टीवी और फ्रिज
लोगों के घरों में लगे टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरण भी शोपीस ही बने रहते हैं, लेकिन अब लोग बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
लोगों का दर्द समझने 28 किमी पैदल चले उपायुक्त, दो दिन वहीं रुके
शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे
बोले, गांव के लिए जाने वाले पैदल रास्ते की भी करवाएंगे मरम्मत
कुल्लू। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद उपायुक्त ने इन गांवों में जाने की योजना बनाई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ डीसी करीब 28 किमी पैदल चले और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। पहले दिन उपायुक्त ने शाक्टी गांव में रात्रि ठहराव किया।
यहां पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और गांव के बुजुर्ग लोगों से मिले और उनके साथ गांव के विकास को लेकर संवाद किया। दूसरे दिन उपायुक्त ने शुगाड़ गांव में जाकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि गांव के लिए जाने वाले पैदल रास्ते का भी मनरेगा के जरिये सुधार किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता चमन ठाकुर और नीरज शर्मा ने कहा कि गाड़ापारली ग्राम पंचायत के पांच गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए भी निहारनी से मझाण, मैल 23.300 किलोमीटर लंबी सड़क का सर्वेक्षण किया गया है। इस दौरान अधीक्षण अभियंता बिजली बोर्ड संजय कौशल, परियोजना अधिकारी डीआरडीए सुरजीत ठाकुर मौजूद रहे।