कुल्लू। मंडी लोकसभा उपचुनाव के चलते लगी आचार संहिता के कारण इस बार मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक दशहरा में नहीं आएंगे। दशहरा का शुभारंभ 15 अक्तूबर को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर करेंगे। उन्हें उपायुक्त कुल्लू एवं दशहरा उत्सव समिति के उपाध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने राजभवन जाकर निमंत्रण दिया है।
चुनावी वेला में हो रहे देव समागम के भव्य आयोजन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दशहरा उत्सव समिति ने इस बार दशहरा के लिए देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेज दिए है। इस बार डाक से न भेजकर एसडीएम और तहसीलदारों के हाथ निमंत्रण भेजे गए हैं। समय के अभाव के चलते ऐसा किया गया है। अब जिला कुल्लू के सभी एसडीएम और तहसीलदार हलका पटवारी केे जरिये निमंत्रण पत्र संबंधित देवी-देवताओं के कारदारों तक पहुंचाएंगे। इसके बाद खंड स्तर पर देव समाज की संस्था देवी-देवता कारदार संघ बैठकें करेंगे। इनमें देवी-देवताओं की समस्याओं के अलावा दशहरा में देवी-देवताओं के भाग लेने पर चर्चा की जाएगी।
जिला देवी देवता कारदार संघ के महासचिव नारायण चौहान, पूर्व जिला अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, आनी खंड के प्रधान भागेराम राणा ने कहा कि अभी देवी-देवताओं को दशहरा को निमंत्रण नहीं मिला है। देव समाज दशहरा की तैयारियों में लगा है। कोरोना काल के चलते देवी-देवताओं को नजराना न मिलने पर भी इस बार दशहरा में भारी संख्या में देवी-देवता भाग लेंगे। उपायुक्त कुल्लू एवं दशहरा उत्सव समिति कुल्लू के उपाध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने कहा कि दशहरा के शुभारंभ के लिए राज्यपाल को निमंत्रण पत्र दे दिया है। कहा कि 15 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का शुभारंभ राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर करेंगे। कमेटी ने जिले के 332 देवी-देवताओं को निमंत्रण भी भेज दिया है।
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