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दिल्ली के आढ़तियों ने डाला सेब मंडियों में डेरा

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कुल्लू जिला में सेब सीजन चल रहा है। सेब की पैकिंग करने में जुटे पैकर। - फोटो : Kullu
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कुल्लू। कोरोना के बीच दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में जाने वाले सेब में 50 फीसदी से अधिक कमी आई है। ऐसे में दिल्ली के कई आढ़तियों ने स्थानीय मंडियों में डेरा डाल दिया है। वे जिले की मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाला सेब खरीदकर दिल्ली भेज रहे हैं।
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कोरोना के बीच इस बार बागवानों ने कार्टन और सेब लकड़ी की पेटी में दिल्ली कम भेजा है।
इस बार बागवानों ने सेब बगीचे से तोड़कर क्रेटों में डालकर मंडियों तक पहुंचाया है। जिससे दिल्ली की आजादपुर में बैठे आढ़तियों को सेब के लाले पड़ गए। बागवानों का सेब देश की विभिन्न मंडियों में पहुंचने लगा तो अब ऐसे में दिल्ली के आढ़तियों को ही सेब खरीद के लिए कुल्लू की मंडियों तक आना पड़ा है।
बताया जा रहा है कि अब तक दिल्ली की आजादपुर मंडी में कुल्लू से काम कर रही फ्रूट कंपनी के कई लोग इन दिनों मंडियों में डेरा डाले हुए हैं। ये आढ़ती बागवानों का अच्छी गुणवत्ता वाला सेब खरीद रहे हैं। यह वजह है कि कुल्लू की मंडियों में सेब के दाम 50 से 60 रुपये के बीच स्थिर हैं। सेब खरीदने के लिए मंडियों में व्यापारी पहुंचने से बागवानों को इसका फायदा मिल रहा है। बागवान राकेश कुमार, लच्छी राम, शेखर, दिनेश और मोती लाल ने कहा कि दिल्ली के आढ़ती इस बार उनसे संपर्क करते रहे। आढ़तियों ने उन्हें सेब दिल्ली भेजने का आग्रह भी किया। हालांकि उन्हें एडवांस की पेशकश भी गई, लेकिन दिल्ली की आजादपुर मंडी के लिए पैकिंग, किराया आदि के खर्च से बचने के लिए उन्होंने स्थानीय मंडियों को ही चुना। कुल्लू की बंदरोल, पतलीकूहल सब्जी मंडी में बागवानों को इस बार सेब के बेहतर दाम मिले हैं। बंदरोल सब्जी मंडी में आढ़ती यूनियन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाला सेब बेहतर दाम में बिक रहा है।
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कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि बागवानों का रुझान स्थानीय मंडियों की तरफ बढ़ा है। सेब के बागवानों को बेहतर दाम मिल सके। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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