कुल्लू में तापमान बढ़ने से रात को काम करते प्रवासी कामगार।
कुल्लू। गर्मी से देवभूमि कुल्लू भी तपने लगी है। ऐसे में कुल्लू घाटी में भवन निर्माण के लिए आए प्रवासी मजदूर दिन के बजाय रात को काम करने को मजबूर हैं। दोपहर के समय लू जैसे हालत होने से बाजारों में भी सन्नाटा देखने को मिल रहा है। सोमवार को जिला मुख्यालय कुल्लू का पारा भी करीब 37 डिग्री तक रिकार्ड किया गया।
इस कारण आम आदमी घर से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। बजौरा, बंजार, भुंतर और जिला मुख्यालय कुल्लू में सैकड़ों प्रवासी कामगार रोजी रोटी कमाने के लिए आए हैं, मगर सूरज की तपिश सहन नहीं कर पा रहे हैं। बिहार से अपने आठ लोगों के साथ आए दीपू और प्रेम यादव ने कहा कि वह ढालपुर में एक भवन का निर्माण कर रहे हैं। एक सप्ताह से गर्मी ज्यादा होने से वे काम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में अब दिन की जगह रात को काम करने पड़ रहे हैं।
कहा कि दोपहर 12 बजे से लेकर तीन से चार बजे तक काम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें दिहाड़ी लगाने के लिए रात 10:00 बजे तक काम करना पड़ रहा है। उधर, भवनों का निर्माण करने वाले ठेकेदार चेत राम ठाकुर ने कहा कि दिन के समय तापमान बढ़ने से मजदूरों से काम नहीं लिया जा रहा है।
इसके बदले वह देर शाम या रात नौ से दस बजे तक काम लिया जा रहा है। कहा कि स्वास्थ्य को देखते हुए धूप में काम करवाना उचित नहीं है। वहीं, गर्मी को प्रकोप बढ़ने का असर कृषि-बागवानी पर पड़ रहा है। सूखे जैसे हालत बनने से किसान मक्की और राजमा की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। जहां बिजाई की गई हैं वहां फसल अंकुरित नहीं हो रही है।
कृषि विभाग कुल्लू के उपनिदेशक सुशील शर्मा ने कहा कि जहां पर मक्की, राजमा, आलू आदि फसलों की बिजाई की है, संभव हो तो किसान सिंचाई कर सकते हैं। संवाद