कुल्लू। भाई और बहन का भव्य मिलन देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। वीरवार को घाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव के अस्थायी शिविर में पीणी की माता भागासिद्ध लाव-लश्कर के साथ पहुंचीं। माता भागासिद्ध का बिजली महादेव से भव्य देव मिलन हुआ। श्रद्धालु भव्य देव मिलन देखने के लिए उमड़ पड़े।
सुबह करीब 11 बजे माता भागासिद्ध अपने अस्थायी शिविर से बाहर निकलीं। माता लाव-लश्कर के साथ बिजली महादेव के अस्थायी शिविर पहुंचीं। यहां पर देव मिलन की परंपरा को निभाया गया। इसके बाद माता भागासिद्ध के गूर ने देववाणी के माध्यम से कहा कि भाई-बहन ने हारियानों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया है।
माता भागासिद्ध करीब आधा घंटे तक बिजली महादेव के अस्थायी शिविर में ही रहीं। इसके बाद माता भागासिद्ध अपने अस्थायी शिविर लौटीं। कुल्लू घाटी के देवी-देवताओं में रिश्तेदारी की प्रथा है। देवता इस प्रथा को दशहरे में निभाते हैं। दशहरा उत्सव में बिजली महादेव, माता पार्वती और उनके पुत्र गणेश एक साथ ही बैठते हैं जबकि माता भागासिद्ध भी अपनी बहन माता दशमी वारदा के समीप ही शिविर में बैठती हैं।
देवता बालू नाग को लक्ष्मण अवतार माना जाता है। खोखण के देवता आदि ब्रह्मा, दियार के देवता त्रिजुगी नारायण भी दशहरा में आते हैं। जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव पीसी महंत ने कहा कि देवी-देवता दशहरा में आकर रिश्तेदारी प्रथा को भी निभा रहे हैं। संवाद