43 साल बाद मणिकर्ण शाही स्नान के लिए रवाना हुए ऋषि जमदग्नि का लाव लश्कर
मनाली (कुल्लू)। ऊझी घाटी के आराध्य देवता ऋषि जमदग्नि 43 साल बाद मणिकर्ण में शाही स्नान करेंगे। देवता शुक्रवार को मणिकर्ण के लिए रवाना हुए। देवता के मालरोड मनाली में पहुंचते ही माहौल देवमय हो गया। देवता कुछ देर के लिए दुर्गा माता मंदिर में रुके। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। मालरोड में सैकड़ों लोगों ने माथा टेककर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। देवता जमदग्नि ऋषि 15 अप्रैल को मणिकर्ण में शाही स्नान करेंगे। सात दिन की यात्रा के बाद आराध्य देव अपने देवालय लौटेंगे।
बुरुआ गांव के आराध्य देवता जमदग्नि ऋषि के पुजारी राहुल, गूर सागर और दुशाल ने बताया कि देवता 43 साल बाद शाही स्नान के लिए निकले हैं। देवता अपने कारकूनों सहित बंदरोल में रात्रि विश्राम करेंगे। 12 अप्रैल को शाट और 13 को सूमा रोपा तथा 14 को मणिकर्ण पहुंचेंगे। 15 अप्रैल को शाही स्नान करने के बाद देवता वापसी में रात को सूमा रोपा रुकेंगे। 16 को शाट, 17 को बंदरोल और 18 अप्रैल को अपने देवालय बुरुआ पहुंचेंगे। संवाद