केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ दिया धरना, नारेबाजी भी की
कृषि को विश्व व्यापार संगठन से बाहर करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। किसानों ने सोमवार को कुल्लू में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर उपायुक्त कार्यालय के बाहर किसान सभा के सदस्यों और सीटू के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की तानाशाही नीतियों के खिलाफ धरना दिया।
इस दौरान नारेबाजी भी की। हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव होतम सिंह सौंखला ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों से मांगों को पूरा करने का समझौता 2021 में हुए आंदोलन के समय किया था, लेकिन किसानों से वादाखिलाफी की गई है। 13 फरवरी को किसानों ने दिल्ली जाने का एलान किया।
हरियाणा सरकार ने सीमा पर बड़े-बड़े बैरिकेड लगा दिए। किसानों के ऊपर गैस के गोले छोड़े और 21 फरवरी को सीमा पर हरियाणा पुलिस ने किसानों पर गोलियां चलाईं और लाठियों से पीटा। एक नौजवान किसान की गोली लगने से मौत हो गई, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, गृह राज्य मंत्री अनिल विज और गृह मंत्री अमित शाह पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
वहीं, अबू धाबी में 13वीं मंत्री स्तरीय विश्व व्यापार संगठन की तीन दिवसीय बैठक हो रही हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि कृषि को विश्व व्यापार संगठन से बाहर किया जाए ताकि किसानों को लूट से बचाया जा सके। कहा कि 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान महापंचायत होगी, जिसमें देश से लाखों किसान आएंगे। हिमाचल से भी हजारों किसान महापंचायत में शामिल होंगे। इस दौरान किसान सभा जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी, गुरजीत गिल, पवन ठाकुर, उत्तम ठाकुर आदि उपस्थित रहे। संवाद